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न्यायिक शक्तियों के प्रयोग पर प्रश्न चिन्ह..

-मनीराम शर्मा|| समय समय पर भारत की न्यायपालिका द्वारा शक्तियों के प्रयोग पर प्रश्न चिन्ह उठते रहे हैं . यद्यपि समय समय पर देश की न्यायपालिका और उसके पैरोकार न्यायिक गरिमा का दम भरते हैं…

आधुनिक समाज के ‘पंडितजी’ हैं ये ब्रांड एंबेसडर..

​-तारकेश ओझा|| मेरे स्वर्गीय पिता के दसवें पर श्मशान घाट पर कर्मकांड कराने वाले महाब्राह्णण ने कुछ घंटे की पूजा के एवज में परिजनों से मोटी रकम वसूल ली. तिस पर तुर्रा यह कि पुरानी…

हर रोज हजारों बलात्कार इज्जत की चादर में…

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'|| हमारे देश में स्त्रियों के साथ बलात्कार तो रोज होते हैं, एकाध नहीं हजारों की संख्या में किये जाते हैं, लेकिन कुछ एक बलात्कार की घटनाएं किन्हीं अपरिहार्य कारणों और हालातों…

इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया राज्य सरकारों…

उच्चतम न्यायलय ने परोक्ष इच्छा मृत्यु को कानूनी मान्यता दिए जाने के सम्बन्ध में आई एक याचिका पर कदम महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को नोटिस भेज कर…

विवादित वैदिक ..

वेद प्रताप वैदिक हाफ़िज़ सईद से मुलकात कर के लौट चुके हैं. खबर है कि पाकिस्तान प्रवास के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ और अन्य कई पाकिस्तानी नेताओं से भी मुलाकात की है. इस…

पुलिस से अलग हो विवेचना ईकाई..

-राजीव यादव|| उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एसआई अरुणा राय द्वारा आईपीएस अधिकारी डीपी श्रीवास्तव पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद जिस तरह से यह मामला सामने आया कि विवेचनाधिकारी ने मुकदमें…

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दवाओं की मंडी: दुकानदार मालामाल, ग्राहक खस्ताहाल

-नितीश के. सिंह|| भारत के हर शहर में लगभग एक बाज़ार ऐसा होता हैं जहां दवाओं की खरीद बिक्री होती है. ऐसे बाज़ार कुछ इस तरह से दवाओं को समर्पित होते हैं कि इन्हें दवाओं…

ढोंगी बाबा रामदेव का कलुषित चरित्र उजागर..

रामदेव नाम का ढोंगी बाबा असल में कितने घिनौने चरित्र का और कितनी घटिया रुग्ण मानसिकता का शिकार है। जो दूसरों का उपचार करने की बात करता है, उसका स्वयं का मस्तिष्क कितना विकृत हो…

सुप्रीम कोर्ट आखिर चाहता क्या है..

इस बात की चर्चा करनी होगी और चिन्तन भी करना होगा कि कानून की व्याख्या के नाम पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित किये जाने वाले निर्णयों का न्यायिक औचित्य भी सिद्ध होना चाहिये, अन्यथा पिछले…

सरकार से जानमाल की रक्षा मूल अधिकार और…

-मनीराम शर्मा|| देश में समय समय पर होने वाले साम्प्रदायिक और जातिगत दंगे सौहार्द और समरसता पर गंभीर आक्रमण कर देश की सामासिक संस्कृति, अखंडता और एकता को चुनौती देते रहे हैं. समय समय पर…

‘वैवाहिक बलात्कार’ का कानून कितना प्रासंगिक…

स्त्रियों का कहना है कि पत्नियों के साथ पुरुषों द्वारा किया जाने वाला बलात्कार, किसी गैर मर्द द्वारा किये जाने वाले बलात्कार से भी कई गुना भयंकर दर्दनाक और असहनीय होता है, क्योंकि किसी गैर-मर्द…

इन्टरनेट पर कितना झूठ कितना सच..

-तुषार बनर्जी|| भारत में क़रीब 24 करोड़ इंटरनेट यूज़र्स हैं जो अपनी रोज़मर्रा की जानकारी के लिए इंटरनेट पर गूगल सर्च का प्रयोग करते हैं. सोशल मीडिया वेबसाइटों और ब्लॉग्स से भी ‘ज्ञान’ अर्जित किया…