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सामाजिक जड़ता के विरुद्ध हिन्दी रंगमंच की बड़ी भूमिका..

By   /  February 11, 2017  /  कला व साहित्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..हिन्दू कालेज में ‘जनता पागल हो गई है’ तथा ‘खोल दो’ का मंचन.. -चंचल सचान॥ दिल्ली। हिन्दू कालेज की हिन्दी नाट्य संस्था ‘अभिरंग’ द्वारा कालेज पार्लियामेंट के वार्षिक समारोह ‘मुशायरा’ के अन्तर्गत दो नाटकों का मंचन किया गया। भारत विभाजन के प्रसंग में सआदत हसन मंटो की प्रसिद्ध […]


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तकदीर के तिराहे पर नवजोत सिंह सिद्धू …क्योंकि राजनीति कोई चुटकला नहीं..

By   /  October 29, 2016  /  राजनीति, व्यंग्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..आप जब ये पंक्तियां पढ़ रहे होंगे, तब तक संभव है नवजोत सिंह सिद्धू को नया राजनीतिक ठिकाना मिल गया होगा। लेकिन सियासत के चक्रव्यूह में सिद्धू की सांसे फूली हुई दिख रही हैं। पहली बार वे बहुत परेशान हैं। जिस पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया, और […]


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साहेब के नाम एक ख़त..

By   /  September 11, 2016  /  व्यंग्य  /  2 Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-रीमा प्रसाद|| थोड़ी उलझन में हूँ .. अपने खत की शुरूआत किस संबोधन से करूं. सिर्फ शहाबुद्दीन कहूंगी तो ये आपकी महानता पर सवाल होगा. शहाबुद्दीन जी या साहेब कहूंगी तो मेरा जमीर मुझे धिक्कारेगा. सो बिना किसी संबोधन के साथ और बिना किसा लाग लपेट के इस […]


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देशभक्ति की ओवरडोज़..

By   /  August 12, 2016  /  व्यंग्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-आरिफा एविस॥ नए भारत में देशभक्ति के मायने औए पैमाने बदल गये हैं. इसीलिए भारतीय संस्कृति की महान परम्परा का जितना प्रचार प्रसार भारत में किया जाता है शायद ही कोई ऐसा देश होगा जो यह सब करता हो. सालभर ईद, होली, दीवाली, न्यू ईयर पर सद्भावना सम्मेलन, […]


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मुद्रा राक्षस की मौत और हिंदी साहित्य का पानी..

By   /  June 14, 2016  /  कला व साहित्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-नवीन कुमार जब से मुद्रा राक्षस के निधन की ख़बर आई है मुझे रह-रहकर युसूफ मियां याद आ रहे हैं। युसूफ मियां लखनऊ की एक फुटपाथ पर जूते-चप्पलों की मरम्मत करके घर चलाते थे। जून के महीने में लखनऊ में प्रधानमंत्री का दौरा हुआ। पूरे शहर को उनके […]


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बोलो अच्छे दिन आ गये..

By   /  May 18, 2016  /  व्यंग्य  /  2 Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-आरिफा एविस॥ देश के उन लोगों को शर्म आनी चाहिए जो सरकार की आलोचना करते हैं और कहते हैं कि अच्छे दिन नहीं आये हैं. उनकी समझ को दाद तो देनी पड़ेगी मेमोरी जो शोर्ट है. इन लोगों का क्या लोंग मेमोरी तो रखते नहीं. हमने तो पहले […]


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हरेक बात पर कहते हो घर छोड़ो..

By   /  April 7, 2016  /  व्यंग्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-आरिफा एविस || घर के मुखिया ने कहा यह वक्त छोटी-छोटी बातों को दिमाग से सोचने का नहीं है. यह वक्त दिल से सोचने का समय है, क्योंकि छोटी-छोटी बातें ही आगे चलकर बड़ी हो जाती हैं. मैंने घर में सफाई अभियान चला रखा है और यह किसी भी […]


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पुल गिरा है कोई पहाड़ नहीं..

By   /  April 6, 2016  /  व्यंग्य  /  2 Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-आरिफा एविस॥ पुल गिरा है कोई पहाड़ नहीं गिरा जो इतनी आफत कर रखी है. रोज ही तो दुर्घटनाएं होती हैं. अब सबका रोना रोने लगे तो हो गया देश का विकास.और विकास तो कुरबानी मांगता है खेती का विकास बोले तो किसानों की आत्महत्या. उद्योगों का विकास […]


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पुरस्कार का मापदंड..

By   /  April 2, 2016  /  व्यंग्य  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-आरिफा एविस|| पुरस्कार किसी भी श्रेष्ठ व्यक्ति के कर्मो का फल है बिना पुरस्कार के किसी भी व्यक्ति को श्रेष्ठ नहीं माना जाना चाहिए. बिना पुरस्कार व्यक्ति का जीवन भी कुछ जीवन है? जैसे “बिन पानी सब सून.” इसलिए कम से कम जीवन में एक पुरस्कार तो बनता […]


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भारत माता की जय: व्यंग्य

By   /  April 2, 2016  /  व्यंग्य  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-आरिफा एविस|| जब सवाल देशभक्ति का हो तो कभी पीछे नहीं हटना चाहिए. हम जिस देश में रहें और उसके प्राचीन सामन्ती विचारों की कोई कदर न करें और उसके प्रति निष्ठा न रखें ये कहाँ की बात हुई. देशभक्ति को समय-समय परखते रहना चाहिए क्योंकि लोग बहुत […]


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