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शहनाई जादूगर बिस्मिल्लाह खान..

-रामजी राय|| डुमराँव (बिहार) की भिरंग राउत की गली नामक मोहल्ले में आज के दिन जन्मे, 6 वर्ष की उम्र से ही बनारस में पाले-बढ़े बिस्मिल्लाह खान पूरे तौर पर बनारसी थे- ठाट बनारसी, राग…

देश, इंसानियत और समाज को नई सोच व्…

-कुलबीर कलसी|| यूनिवर्सल आर्ट एंड कल्चरल वेलफेयर सोसायटी और अदिति कलाकृति हब ऑफ़ हॉबीज की ओर  से  स्थानीय सेक्टर दस स्थित म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी के सभागार  में  होली के उपलक्ष्य में युवा लेखक कला…

यमलोक में होलिकोत्सव की धूम..

-अशोक मिश्र|| यमलोक में होलिकोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा था। यमराज हाथों में रंग, अबीर-गुलाल आदि लिए स्वर्गलोक से स्पेशल विजिट पर आईं रंभा, मेनका, उर्वशी सहित अन्य अप्सराओं से घिरे होली खेल…

मायावी वटवृक्ष और वडनेरकर..

-अजीत वडनेरकर|| अपने उपनाम के साथ वटवृक्ष की महिमा से काफी दिलचस्प अनुभव होते रहे हैं। भाई लोगों ने बड़ा घालमेल किया है। ... और कुछ भी बोल लेंगे, मगर ‘वडनेरकर’ का उच्चार नहीं करेंगे।…

तुम्हारी आस्थाएं इतनी कमजोर और डरी हुई क्यों…

-भंवर मेघवंशी || प्रसिद्ध तमिल लेखक पेरूमल मुरगन ने लेखन से सन्यास ले लिया है. वे अपनी किताब पर हुए अनावश्यक विवाद से इतने खफ़ा हो गए है कि उन्होंने ना केवल लेखनी छोड़ दी…

विज्ञापन की दुनिया का गोलमाल..

-आलोक पुराणिक|| रोहित शर्मा ने हाल ही में जो धुआंधार पारी खेली है, उसका एक सीधा सा परिणाम कुछ दिनों में आपके सामने दिख सकता है। कोई कोल्‍ड-ड्रिंक बता दावा कर सकता है कि रोहित…

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नव-वर्ष के स्वागत का ये भी एक तरीका..

-संजीव कुमार|| क्या आपने कभी एक ऐसी जगह पर नुक्कड़ नाटक किया या देखा है जहाँ धारा 144 लगी हो ? क्या आपने कभी एक ऐसा नाटक किया या देखा है, जिसमे एक डायलाग के…

बज्जर पड़े ‘किस ऑफ लव’ पर..

 -अशोक मिश्र|| मेरे काफी पुराने मित्र हैं मुसद्दीलाल. मेरे लंगोटिया यार की तरह. हालांकि वे उम्र में मुझसे लगभग पंद्रह साल से ज्यादा बड़े हैं. मेरी दाढ़ी अभी खिचड़ी होनी शुरू हुई है और उनके…

बोल भाई बोल…

-तारकेश कुमार ओझा|| बोलना एक कला है, यह तो सभी जानते हैं, लेकिन इसके साथ कई विशेषताएं , विडंबनाएं और विरोधाभास भी जुड़े हैं. जिसकी ओर लोगों का ध्यान कम ही जाता है. मसलन ज्यादातर…

पुस्तक समीक्षा: अनसुने ईसाईयों की आवाज़..

-प्रेमकुमार गौतम|| आंख में चुभे तिनके सी पीड़ा महसूसता हृदय पुस्तक समीक्षा: अनसुने ईसाइयों की आवाज ’’दूसरे की आंख में तिनका खोजने के पूर्व तू अपनी आंख का लट्ठा देख’’ पवित्र बाइबिल का यह वचन…

अमेरिका लोगे या पाकिस्तान..

-अशोक मिश्र|| कुछ नामी-सरनामी ठेलुओं की मंडली गांव के बाहर बनी पुलिया पर जमा थी. गांजे की चिलम ‘बोल..बम..बम’ के नारे के साथ खींची जाती, तो उसकी लपट बिजली सी चमककर पीने वाले को आनंदित…