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देशभक्ति की ओवरडोज़..

-आरिफा एविस॥ नए भारत में देशभक्ति के मायने औए पैमाने बदल गये हैं. इसीलिए भारतीय संस्कृति की महान परम्परा का जितना प्रचार प्रसार भारत में किया जाता है शायद ही कोई ऐसा देश होगा जो…

बोलो अच्छे दिन आ गये..

-आरिफा एविस॥ देश के उन लोगों को शर्म आनी चाहिए जो सरकार की आलोचना करते हैं और कहते हैं कि अच्छे दिन नहीं आये हैं. उनकी समझ को दाद तो देनी पड़ेगी मेमोरी जो शोर्ट…

हरेक बात पर कहते हो घर छोड़ो..

-आरिफा एविस || घर के मुखिया ने कहा यह वक्त छोटी-छोटी बातों को दिमाग से सोचने का नहीं है. यह वक्त दिल से सोचने का समय है, क्योंकि छोटी-छोटी बातें ही आगे चलकर बड़ी हो जाती…

पुल गिरा है कोई पहाड़ नहीं..

-आरिफा एविस॥ पुल गिरा है कोई पहाड़ नहीं गिरा जो इतनी आफत कर रखी है. रोज ही तो दुर्घटनाएं होती हैं. अब सबका रोना रोने लगे तो हो गया देश का विकास.और विकास तो कुरबानी…

पुरस्कार का मापदंड..

-आरिफा एविस|| पुरस्कार किसी भी श्रेष्ठ व्यक्ति के कर्मो का फल है बिना पुरस्कार के किसी भी व्यक्ति को श्रेष्ठ नहीं माना जाना चाहिए. बिना पुरस्कार व्यक्ति का जीवन भी कुछ जीवन है? जैसे “बिन…

भारत माता की जय: व्यंग्य

-आरिफा एविस|| जब सवाल देशभक्ति का हो तो कभी पीछे नहीं हटना चाहिए. हम जिस देश में रहें और उसके प्राचीन सामन्ती विचारों की कोई कदर न करें और उसके प्रति निष्ठा न रखें ये…

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बोली पर ब्रेक..

-तारकेश कुमार ओझा|| चैनलों पर चल रही खबर सचमुच शाकिंग यानी निराश करने वाली थी. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मातहतों को आगाह कर दिया था कि गैर जिम्मेदाराना बयान दिए बच्चू तो कड़ी कार्रवाई झेलने को…

बोली पर ब्रेक..

-तारकेश कुमार ओझा|| चैनलों पर चल रही खबर सचमुच शाकिंग यानी निराश करने वाली थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मातहतों को आगाह कर दिया था कि गैर जिम्मेदाराना बयान दिए बच्चू तो कड़ी कार्रवाई झेलने को…

पाठ्यक्रम -भारत का इतिहास-कक्षा 8 (सन्2099)

-इमरान।। बहुत समय पहले की बात है, इस मुल्क में एक किसान नामक चालाक प्राणी रहा करता था। ये एक बेहद दुबला पतला सा लेकिन गज़ब का जीवट किस्म का बन्दा हुआ करता था। कोई…

यमलोक में होलिकोत्सव की धूम..

-अशोक मिश्र|| यमलोक में होलिकोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा था। यमराज हाथों में रंग, अबीर-गुलाल आदि लिए स्वर्गलोक से स्पेशल विजिट पर आईं रंभा, मेनका, उर्वशी सहित अन्य अप्सराओं से घिरे होली खेल…

मायावी वटवृक्ष और वडनेरकर..

-अजीत वडनेरकर|| अपने उपनाम के साथ वटवृक्ष की महिमा से काफी दिलचस्प अनुभव होते रहे हैं। भाई लोगों ने बड़ा घालमेल किया है। ... और कुछ भी बोल लेंगे, मगर ‘वडनेरकर’ का उच्चार नहीं करेंगे।…

विज्ञापन की दुनिया का गोलमाल..

-आलोक पुराणिक|| रोहित शर्मा ने हाल ही में जो धुआंधार पारी खेली है, उसका एक सीधा सा परिणाम कुछ दिनों में आपके सामने दिख सकता है। कोई कोल्‍ड-ड्रिंक बता दावा कर सकता है कि रोहित…