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यमलोक में होलिकोत्सव की धूम..

By   /  March 2, 2015  /  व्यंग्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-अशोक मिश्र|| यमलोक में होलिकोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा था। यमराज हाथों में रंग, अबीर-गुलाल आदि लिए स्वर्गलोक से स्पेशल विजिट पर आईं रंभा, मेनका, उर्वशी सहित अन्य अप्सराओं से घिरे होली खेल रहे थे। यमलोक में रहने वाले देव, गंर्धव, अप्सराएं सभी एक दूसरे को […]


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मायावी वटवृक्ष और वडनेरकर..

By   /  February 25, 2015  /  व्यंग्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-अजीत वडनेरकर|| अपने उपनाम के साथ वटवृक्ष की महिमा से काफी दिलचस्प अनुभव होते रहे हैं। भाई लोगों ने बड़ा घालमेल किया है। … और कुछ भी बोल लेंगे, मगर ‘वडनेरकर’ का उच्चार नहीं करेंगे। अक्सर वडनेरकर को बड़ी आसानी से ‘वाडेकर’ बना दिया जाता है। कुछ महापण्डितों […]


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विज्ञापन की दुनिया का गोलमाल..

By   /  January 7, 2015  /  व्यंग्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-आलोक पुराणिक|| रोहित शर्मा ने हाल ही में जो धुआंधार पारी खेली है, उसका एक सीधा सा परिणाम कुछ दिनों में आपके सामने दिख सकता है। कोई कोल्‍ड-ड्रिंक बता दावा कर सकता है कि रोहित शर्मा की धुआंधारी पारी की वजह दरअसल अमुक वाला को‍ल्‍ड ड्रिंक है। रोहित […]


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बज्जर पड़े ‘किस ऑफ लव’ पर..

By   /  November 17, 2014  /  व्यंग्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें.. -अशोक मिश्र|| मेरे काफी पुराने मित्र हैं मुसद्दीलाल. मेरे लंगोटिया यार की तरह. हालांकि वे उम्र में मुझसे लगभग पंद्रह साल से ज्यादा बड़े हैं. मेरी दाढ़ी अभी खिचड़ी होनी शुरू हुई है और उनके गिने-चुने काले बाल विदाई मांग रहे हैं. (बात चलने पर बालों पर हाथ […]


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बोल भाई बोल…

By   /  October 19, 2014  /  राजनीति, व्यंग्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-तारकेश कुमार ओझा|| बोलना एक कला है, यह तो सभी जानते हैं, लेकिन इसके साथ कई विशेषताएं , विडंबनाएं और विरोधाभास भी जुड़े हैं. जिसकी ओर लोगों का ध्यान कम ही जाता है. मसलन ज्यादातर अच्छे – भले कर्मयोगी अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप अच्छा बोल नहीं पाते. कभी […]


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अमेरिका लोगे या पाकिस्तान..

By   /  September 26, 2014  /  व्यंग्य  /  Comments Off on अमेरिका लोगे या पाकिस्तान..

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-अशोक मिश्र|| कुछ नामी-सरनामी ठेलुओं की मंडली गांव के बाहर बनी पुलिया पर जमा थी. गांजे की चिलम ‘बोल..बम..बम’ के नारे के साथ खींची जाती, तो उसकी लपट बिजली सी चमककर पीने वाले को आनंदित कर जाती थी. एक लंबा कश खींचने के बाद हरिहरन ने चिलम बीरबल […]


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चीन में होंगे झानझूं त्रिपाठी..

By   /  September 20, 2014  /  व्यंग्य  /  2 Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-अशोक मिश्र|| नथईपुरवा गांव के कुछ बुजुर्ग चाय की दुकान पर बतकूचन कर रहे थे. रामबरन ने चाय का कप उठाकर मुंह से लगाया और सुर्रर्र..की आवाज करते हुए थोड़ी सी चाय अंदर ढकेली और बोले, ‘जिनफिंगवा की बदमाशी तो देखो. खुद तो भारत मा आकर माल-पूड़ी काट […]


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राजनेताओं से सीख लें गिरगिट…

By   /  August 7, 2014  /  व्यंग्य  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..–तारकेश कुमार ओझा|| राजनीति में रंग या पाला बदलने के खेल को आप नया नहीं कह सकते। छात्र जीवन में ही कुछ एेसे राजनेताओं के बारे में सुना था जिनकी ख्याति ’ सदामंत्री ‘के तौर पर थी। यानी सरकार चाहे जिसकी हो उनका मंत्री पद पक्का। कल तक जिसे गरियाया , […]


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वैदिकी गप, गप न भवति…

By   /  July 15, 2014  /  व्यंग्य  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..वेद प्रताप वैदिक को जो लोग अर्से से जानते हैं कि वे न केवल रीढ़विहीन हैं बल्कि तर्क विहीन भी हैं…वैदिक साहब का प्रिय शगल है अपने बारे में ख़ुद ही बढ़ा चढ़ा कर बताना…एक दौर था, जब वैदिक साहब मालिक के चापलूस सम्पादक हुआ करते थे…उस वक़्त […]


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तहं तहं भ्रष्टाचार..

By   /  June 4, 2014  /  कला व साहित्य, व्यंग्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-ओम थानवी|| एक पुस्तक चर्चा में शिरकत का मौका मिला. सतीश अग्निहोत्री का व्यंग्य संग्रह है, ‘तहं तहं भ्रष्टाचार’ (राजकमल प्रकाशन). अग्निहोत्रीजी ने कई शासन-प्रशासन देखे हैं. पुस्तक में यों तो कई दिलचस्प रूपक हैं, पर ‘पुनर्मूषको भव’ पढ़ते हुए मुझे बरबस रंजन भट्टाचार्य और राबर्ट वाड्रा की […]


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