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UN में भारत ने समलैंगिकता का किया विरोध..

By   /  March 26, 2015  /  रहन सहन  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..भारत में समलैंगिकता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद सरकार ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना मत साफ कर दिया है। यूनाइटेड नेशन में रूस के एक प्रस्ताव का समर्थन करते हुए भारत ने स्पष्ट कर दिया कि समलैंगिकता मंजूर नहीं है।पाकिस्तान ने भी इस मुद्दे […]


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सेक्स में रूचि कम होने पर घबराएं नहीं संयम बरतें..

By   /  May 29, 2014  /  रहन सहन  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..अक्सर मन में यह भ्रम बना रहता है कि जैसे जैसे उम्र बढती जाती है सेक्स के प्रति रूचि भी ख़त्म होने लगती है. मगर यह बात पूरी तरह सत्य नहीं है. सेक्स के बारे में यह मन जाता रहा है कि यह रिश्ते को और अधिक मजबूत […]


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रिलेशनशिप को मजबूत बनाता है सेक्स..

By   /  May 28, 2014  /  रहन सहन  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..जीवन को सुखद बनाने में प्रेम का जितना महत्व है उससे कई ज्यादा महत्वपूर्ण है आपकी सेक्सलाइफ. अक्सर लोग सेक्स को जीवन का एक पहलू समझते है और उसे रोजमर्रा के काम कि तरह लेते हैं. उसमें आनंद और सुख कि कल्पना नहीं करते. शायद यही वजह है […]


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नरेंद्र मोदी की पत्नी का इंटरव्यू मचा रहा तहलका..

By   /  February 1, 2014  /  देश, मीडिया, रहन सहन  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें.. 17 बरस की थी, जब मोदी से शादी हुई.. मोदी और मेरी कभी लड़ाई नहीं हुई.. जिस शख्स को वह अपना ‘पति’ कहती हैं, वह भाजपा की ओर से पीएम पद के दावेदार हैं और इस साल ‌राजनीति का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं. लेकिन 62 वर्षीय […]


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सेक्स के लिए बदलते थे पत्नियाँ…

By   /  December 23, 2013  /  अपराध, देश, रहन सहन  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..दो युवक सेक्स के लिए अपनी बीवीयों की अदला-बदली करते थे. भरी पंचायत के सामने गांव के ही एक युव‌क ने इस मामले को उठा दिया. लिहाजा दोनों युवकों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया. दोनों गुजरात जाकर रहने लगे. लेकिन बदले की भावना उनके मन में बढ़ने […]


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निर्बाध दैहिक सुख प्राप्ति है लिव-इन-रिलेशन…

By   /  November 30, 2013  /  दुनियां, बहस, रहन सहन, समाज, स्वास्थ्य  /  2 Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..माननीय न्यायालय की टिप्पणी के बाद लिव-इन-रिलेशन फिर चर्चा में है. महिला मुक्ति के समर्थक ऐसे किसी भी विषय का समर्थन करते आसानी से दिख जाते हैं जहाँ से शारीरक संबंधों की बाध्यता से स्वतंत्रता मिलती दिखती हो जबकि संस्कृति की रक्षा का झंडा उठाये घूमते लोग ऐसे […]


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यों ही कब तक पड़े रहोगे, नए साल के नाम पर तो कुछ करो..

By   /  January 2, 2013  /  रहन सहन  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..– डॉ. दीपक आचार्य|| एकरसता और जड़ता से घिर कर रह जाने की आदत पाले बैठे आदमियों के लिए ही ये नव वर्ष और दूसरे उत्सव हैं ताकि इनके बहाने तो कम से कम वह उठे और कुछ नया करने का साहस करे. वरना जो लोग कर्मयोगी हैं […]


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आत्मसन्तुष्टि व शांत चित्त, सफलता का सबसे बड़ा पैमाना

By   /  December 16, 2012  /  रहन सहन  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..– डॉ. दीपक आचार्य|| जीवन के प्रत्येक कर्म के साथ मनुष्य फल चाहता है या यों कहें कि आदमी परिणाम को देखकर ही कर्म करने को उद्यत होता है। कुछ बिरले कर्मयोगियों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश आबादी ऎसी ही है जो फल को देखकर कर्म करने […]


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पुनरावृत्ति न करें, नई बात कहें, नए काम करें!

By   /  December 12, 2012  /  रहन सहन  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..– डॉ. दीपक आचार्य|| जहां कहीं नयापन है वहीं ताजगी और मिठास है, वहीं उत्साह आता भी है और प्रेरणा का संचार भी होता है। जबकि जहां कहीं नयापन नहीं हुआ करता वहां उदासी, मायूयी और बोरियत के साथ उत्साहहीनता का माहौल सदैव पसरा रहता है। इसलिए जीवन […]


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अभिव्यक्ति को सार्थक बनाएं, सार्वजनीन भाषा का इस्तेमाल करें

By   /  December 11, 2012  /  रहन सहन  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..– डॉ. दीपक आचार्य|| वैचारिक सम्प्रेषण के लिए अभिव्यक्ति ही सशक्त माध्यम है और अभिव्यक्ति का सर्वाधिक सशक्त माध्यम है वाणी। यह वाणी ही है जो व्यक्ति के मन और मस्तिष्क की गहराई और भारीपन को दर्शाती है। इसके साथ ही वाणी के ही माध्यम से व्यक्ति के […]


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