Loading...
You are here:  Home  >  'अखबार'  -  Page 2
Latest

मेरे संपादक, मेरे संतापक: डॉ. अंसारी की हवेली में कुछ दिन..

By   /  August 5, 2013  /  मीडिया  /  No Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..मेरे संपादक, मेरे संतापक -४                                                                 पिछली कड़ी पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.. -राजीव नयन बहुगुणा|| […]


इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
Read More →
Latest

फेसबुक और अखबार..

By   /  August 3, 2013  /  मीडिया  /  1 Comment

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-आशुतोष कुमार|| जब टेलिविज़न से अखबार का मुकाबला हुआ,  तो दहशत खाए अखबारों ने तुरंत चोला बदला. वे अधिक से अधिक ‘दृश्य’ हो गए. ढेर सारे चित्र. कम से कम शब्द. अधिक से अधिक रंग. भाषा भी अधिक  सनसनीखेज और चित्रात्मक. हिंसा और सैक्स की रेलपेल. यह सब […]


इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
Read More →
Latest

शारदा समूह के टीवी चैनल और अखबारों पर सत्ता दल का कब्जा!

By   /  May 13, 2013  /  मीडिया  /  3 Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास​|| शारदा समूह चिटफंड घपले के भंडाफोड़ और सुदीप्त सेन की फरारी से पहले ही शारदा समूह के अखबारो के मालिकाना का हस्तांतरण शुरु हो चुका​ ​ था.सुदीप्त ने पुलिस जिरह में माना भी है कि मीडिया में निवेश उन्होंने पिस्तौल का नोंक पर तृणमूल सांसदों […]


इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
Read More →
Latest

दैनिक अखबारों की तो ठीक मगर साप्ताहिक की डगर कठिन- मयंक

By   /  April 9, 2013  /  मीडिया  /  2 Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-दिलीप सिकरवार|| वरिष्ठ पत्रकार मयंक भार्गव ने माना कि दैनिक समाचार पत्र का प्रकाशन मुश्किल भरा होता है किन्तु नामुमकिन नही. क्योंकि सरकार की रहम दृष्टी से डेली अखबार चल जाते है, मगर साप्ताहिक समाचार पत्र का सम्पादन घास के ढेर में अंगूठी तलाशने जैसा है. कोई सालों […]


इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
Read More →
Latest

दिल्ली के अधिकांश अख़बार कर रहे हैं भूमाफियाओं की दलाली…

By   /  February 22, 2013  /  मीडिया  /  4 Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बनने वाले, बिकने वाले मकानों, फ्लैटों से “मल-मूत्र” निकलने की कोई व्यवस्था भले ना हो, परन्तु कीमत करोड़ों रूपये से अधिक तक पहुँच जाती है, वैसे दिखने से कोई वजह मालूम नहीं होती लेकिन जब गौर से देखेंगे तो पता चलेगा कि उस राशि का करीब पच्चीस  फीसदी से […]


इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
Read More →
Latest

समाचार पत्र: कल और आज

By   /  December 19, 2012  /  मीडिया  /  2 Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..– बसु जैन|| समाज से गहरे जुड़ाव और उसका प्रतिबिंब प्रस्तुत करने के कारण समाचार पत्रों को समाज का दर्पण कहा गया है। सामाजिक जीवन में दिन-प्रतिदिन घटने वाली घटनाओं का ब्योरा और उन पर निष्पक्ष टिप्पणियां प्राप्त होने से समाचार पत्रों पर आज हमारी निर्भीरता बढ़ गई […]


इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
Read More →
Latest

हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटालाः पटना हाई कोर्ट ने सरकारी वकील की लापरवाही को गंभीरता से लिया

By   /  October 30, 2012  /  मीडिया  /  No Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..–मुंगेर से श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट|| पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अंजना प्रकाश ने 200 करोड़ के सनसनीखेज दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाले की सुनवाइ में सरकारी अधिवक्ता की लापरवाही से जुड़े मुंगेर के वरीय अधिवक्ता और पत्रकार काशी प्रसाद के आवेदन को बार काउनिसल के चेयरमैन के पास […]


इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
Read More →
Latest

हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटालाः पुलिस उपाधीक्षक ने पर्यवेक्षण रिपोर्ट में हिन्दुस्तान के छापाखाना और संपादकीय कार्यालय का ब्यौरा पेश किया

By   /  July 27, 2012  /  मीडिया  /  No Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-श्रीकृष्ण प्रसाद|| मुंगेर, 25जुलाई । विश्व के सनसनीखेज दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाले में पुलिस अधीक्षक पी0 कन्नन के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक अरूण कुमार पंचालर की ओर से समर्पित ‘पर्यवेक्षण-टिप्पणी‘ में 200 करोड़ के सरकारी विज्ञापन घोटाले में शामिल नामजद अभियुक्तों के भागलपुर और मुंगेर मुख्यालय स्थित घटनास्थलों […]


इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
Read More →
Latest

सरकारी विज्ञापनों की लूट के चक्कर में जागरण अवैध रूप से छपता था बिहार में बारह जगह से…

By   /  July 25, 2012  /  मीडिया  /  1 Comment

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..भारत में सबसे पहले अखबार स्वतंत्रता आंदोलन को विस्तार देने के लिए निकलने शुरू हुए थे. आज़ादी के बाद सरोकार से जुड़ी पत्रकारिता होने लगी. एक छोटी सी खबर बड़े बड़ों की चूलें हिला देने के लिए काफी हुआ करती थी. अकबर इलाहाबादी तो कहते थे कि “खीचों […]


इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: