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पश्चिमी मीडिया के कवर पर क्यों बदली मोदी और भारत की छवि?

By   /  January 27, 2020  /  मीडिया  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-रवीश कुमार।। इंटरनेट के ज़माने की राजनीति से अच्छी तो बैलगाड़ी के ज़माने की राजनीति थी. झूठ की रफ्तार भी कम थी और नेताओं की अर्थहीन बातें सेकेंड-सेकेंड आपके इनबाक्स में नहीं पहुंचती थीं. भारत का नौजवान सुबह आंख खोलता है कि आज उसकी नौकरी और कस्बे के […]


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टीवी-9 भारतवर्ष का वरिष्ठ अधिशासी संपादक करता था यौन शोषण, आरोपों के बाद दिया इस्तीफा..

By   /  January 24, 2020  /  मीडिया  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-बसंत कुमार।। पिछले साल काफी गहमागहमी के माहौल में शुरू हुआ न्यूज़ चैनल टीवी-9 भारतवर्ष में उठापटक मच गई है. चैनल की दो ट्रेनी महिला पत्रकारों ने वरिष्‍ठ आउटपुट एडिटर अजय आज़ाद के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज की है. अजय चैनल में बतौर आउटपुट हेड पिछले कुछ समय […]


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गहलोत सरकार, भ्रष्टाचार की शिकार और नवजात बच्चों पर मौत की मार..

By   /  January 3, 2020  /  देश  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-सुरेन्द्र ग्रोवर|| कभी संवेदनशील प्रशासन देने का वायदा करने वाले  अशोक गहलोत तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य की चिकित्सा व्यवस्था ही नहीं बल्कि छोटे छोटे बच्चों के लिए भी कितने संवेदनहीन साबित हो रहे हैं कि कोटा के जेके लोन अस्पताल में सिर्फ एक महीने में 103 बच्चों के काल का ग्रास बन जाने पर भी महज़ दो सौ किलोमीटर दूर कोटा स्थित इस अस्पताल का दौरा करने की बजाए जयपुर से साढ़े तीन सौ किलोमीटर दूर अपने गृह जिले और चुनाव क्षेत्र जोधपुर पहुँच उद्घाटनों में मशगूल हो गए.   गौरतलब है कि राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था शुरू से रामभरोसे चल रही है. अधिकांश सरकारी अस्पताल खुद मृत्युशैया पर पड़े सिसक रहे है. बच्चों के लिए बने जयपुर और कोटा इत्यादि के अस्पताल भारी अव्यवस्थाओं और लालफीताशाही के शिकार हैं. एक एक बिस्तर पर दो से तीन बच्चों का इलाज होना आम बात है.  यहाँ तक कि कई बार तो गंभीर रूप से बीमार दुधमुंहे  बच्चों को आले में लिटा कर इलाज किया जाता है. अस्पतालों के उपकरण अक्सर दम तोड़े पड़े रहते हैं. इन उपकरणों को फिर से दुरुस्त करने में महीनों लग जाते हैं, क्योंकि यह एक लम्बी प्रक्रिया होती है. पहले फण्ड माँगा जायेगा, फिर टेंडर निकलेगा, टेंडर पास होगा और उसके बाद ही उपकरणों कि मरम्मत हो पाती है और इसके चलते कई गम्भीर बीमार सही इलाज के अभाव में दम  तोड़ देते हैं.   याद रहे इन सरकारी अस्पतालों में सिर्फ गरीब लोग ही जाने को विवश होते है. साधन सम्पन्न लोग तो कभी इन अस्पतालों का रुख ही नहीं करते. हाँ, कुछ रसूखदार लोग ज़रूर इन अस्पतालों में वीवीआईपी की तरह मुफ्त इलाज करवाने पहुँचते रहते हैं और अस्पताल प्रशासन भी ऐसे लोगों की तीमारदारी में अपनी पूरी ताकत झोंक देता है.   हमने कोटा जेके लोन अस्पताल में पिछले दिनों में हुई 103 बच्चों की मौत के कारण जानने के लिए कोटा शहर के कुछ नागरिकों से बात की तो यही कहानी सामने आई. कोटा निवासी और राजस्थान के पूर्व शिवसेना प्रमुख प्रमोद चतुर्वेदी ने बताया कि कुछ समय पहले अपने बच्चे के बीमार पड़ने पर जेके लोन अस्पताल में ले गए थे लेकिन उनके बच्चे का इलाज तब तक शुरू नहीं हुआ, जबतक उन्होंने अपने राजनैतिक प्रभाव का उपयोग नहीं किया.    इसी तरह कोटा के एक पत्रकार ब्रिजेश विजयवर्गीय का कहना था कि जेके लोन भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं का अड्डा बना हुआ है. इस अस्पताल के जीवन रक्षक उपकरण अक्सर ख़राब रहते हैं और उनके सुधरने में महीनों लग जाते हैं और सुधारने की प्रक्रिया में भी भारी भ्रष्टाचार होता है. यदि इसकी शिकायत भी की जाती है तो कोई सुनवाई नहीं होती. यहाँ तक कि खबरें लिखने का भी कोई असर नहीं होता.   जब हमने इस मुद्दे पर बात करने के लिए राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को फोन किया तो उनके सचिव मनोज पारीक ने कहा कि मंत्री जी मीटिंग में हैं, इसलिए कुछ देर में कॉल बेक करवाता हूँ. लम्बे समय तक इंतजार के बाद हमने दोबारा फोन किया तो भी मनोज पारीक ने ही रघु शर्मा का मोबाईल फोन उठाया और फिर वही रट्टा पढ़ दिया. इसके बाद हमने उन्हें देर रात एसएमएस किया  लेकिन रघु शर्मा हमसे बात करने से बचते रहे.  इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..


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मोदी सरकार की वंदना में गुजरा मीडिया का 2019

By   /  December 31, 2019  /  मीडिया  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..डॉ. मुकेश कुमार।। साल 2019 भारतीय मीडिया में बड़े बदलाव के रूप में दर्ज़ किया जाएगा. हालाँकि, बदलाव का दौर पहले से चल रहा था और नए ट्रेंड छिपे हुए नहीं थे, मगर इस साल जैसे वे अपने चरम पर पहुँच गए. अब भारतीय मीडिया की दिशा और […]


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पुण्य का प्रताप या पाप..

By   /  September 29, 2018  /  मीडिया  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-अतुल चौरसिया|| डिजिटल मीडिया की क्रांति में खबरों की उम्र कम हो गई है. स्मार्टफोन धारकों के लिए सुबह का अख़बार 70-80 प्रतिशत बासी हो चुका होता है. लिहाजा आज से 50 दिन पहले घटी कोई घटना तो लगभग इतिहास का ही हिस्सा हो जाती है. लेकिन सौभाग्य […]


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रक्षा मंत्रालय की फाइल से खुले राज़, रफाल के कम दाम से किसे था एतराज़

By   /  September 28, 2018  /  राजनीति  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-रवीश कुमार|| इंडियन एक्सप्रेस के सुशांत सिंह की ख़बर पढ़िएगा। सितंबर 2016 में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और फ्रांस के रक्षा मंत्री के बीच रफाएल क़रार पर दस्तख़त हुए थे, उसके ठीक पहले रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रफाल लड़ाकू विमानों की कीमतों को लेकर सवाल […]


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अपराधी का बचाव दरअसल दूसरा अपराधी तैयार करना है..

By   /  April 16, 2018  /  अपराध  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-संजय कुमार सिंह|| कोई भी आदमी अपराध इसी उम्मीद में करता है कि वह पकड़ा नहीं जाएगा। गुस्से में हत्या हो जाना अलग बात है। पर सोच-समझ कर अपराध करने वाला कोई भी व्यक्ति अगर सोचेगा तो ये भी कि जमानत के लिए वकील कौन होगा, उसकी फीस […]


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डेंगू ने छीन ली यश चोपड़ा की ज़िन्दगी…

By   /  October 21, 2012  /  मीडिया  /  2 Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..बॉलीवुड के जाने-माने निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा का निधन हो गया है. रविवार की शाम मुंबई के लीलावती अस्पताल में उन्होंने आख़िरी सांस ली. वो 80 साल के थे. वे डेंगु से पीड़ित थे. तबियत ख़राब होने पर उन्हें 13 अक्तूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यश चोपड़ा […]


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