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नागरिक का मतलब हिन्दू होना, मय अहसान..

By   /  December 10, 2019  /  देश  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..–अभिषेक श्रीवास्तव।। ये जो नागरिकता संशोधन का संसदीय प्रहसन जारी है, उस पर थोड़ा ठहर कर सोचें तो शायद पकड़ सकें कि मामला मुसलमानों को बेदखल करने का इतना नहीं है, जितना गैर-मुसलमानों को एकमुश्त हिन्दू बना देने का है। ज़रा रिकॉर्ड खंगाल के देखिए पिछले कुछ साल […]


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शंकराचार्य का बेहद आदर करता था टीपू सुल्तान..

By   /  April 16, 2018  /  धर्म  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-अरुण प्रकाश मिश्र|| मैसूर की अधिकांश आबादी हिन्दू थी। टीपू सुलतान के दरबार में ऊंची से ऊंची पदवियां हिन्दूओं को मिली हुई थी। उसके दो मुख्यमंत्री पुर्निया और कृष्णराव ब्राम्हण थे, जिनमें पुर्निया उनका प्रधानमंत्री था। इन दोनों मंत्रियों का प्रभाव उस समय अत्यन्त बढ़ा हुआ था। इनके अलावा बेशुमार […]


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धार्मिक स्थल व्याभिचार के सबसे बड़े अड्डे रहे हैं सदियों से..

By   /  April 14, 2018  /  देश  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..मंदिरों में व्यभिचार की घटनाएं देखकर उस वैदिक साधु ने तान दी थी विरोध के धनुष की प्रत्यंचा और ढेर कर दिया था अध्यात्म की गरिमा के हंताओं को.. -त्रिभुवन|| लोग उसे स्वामी विवेकानंद की तरह प्रेम नहीं करते, क्योंकि वह विदेशी भाषा में विदेशी लोगों को प्रसन्न […]


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धर्मध्वजा की आड़ में बलात्कारी

By   /  April 11, 2018  /  देश  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें.. -अशोक कुमार पाण्डेय|| हिसाब से तो कभी हालात के हिसाब से। मान्यता है कि मूलतः ये काठियावाड़ क्षेत्र के राजपूत थे जो सातवीं-आठवीं शताब्दी में कश्मीर पलायित हो गए थे। कल्हण के यहाँ इनके नौवीं-दसवीं शताब्दी में कश्मीर के सीमावर्ती प्रदेशों में निवास का ज़िक्र आता है। […]


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उत्सवी उल्लास को बहुगुणित करते हैं आँचलिक लोक संस्कृति के रस-रंग

By   /  November 27, 2012  /  रहन सहन  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..– डॉ. दीपक आचार्य|| आनंद की प्राप्ति हर प्राणी का वह परम ध्येय होता है जिसे पाने के लिए वह जिन्दगी भर लाख जतन करने पड़ें, तब भी पीछे नहीं रहता. भारतीय संस्कृति दुनिया की वह एकमात्र शाश्वत और आदि संस्कृति है जिसमें हर दिन उगता है उत्सवी […]


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