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मोटरसाईकिल पर स्टंट कर रहे युवकों पर पुलिस…

राजधानी के वीवीआइपी इलाके में शनिवार स्टंट कर रहे युवकों पर पुलिस ने गोली चला दी जिसमें एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया…

भारत में लगभग सभी सरकारी संगठन पुलिस थाने…

-मनीराम शर्मा|| प्राय: अखबारों की सुर्ख़ियों में ख़बरें रहती हैं कि अमुक अपराध में पुलिस ने एफ़ आई आर नहीं लिखी  और अपराधियों को बचाया है. पुलिस का कहना होता है कि कुछ लोग व्यक्तिगत…

नक्सलवाद का नया अध्याय, कौन है लाल आतंक…

-फाल्गुनी सरकार|| कहते हैं हर सिक्के के दो पहलू होते हैं. जब देश के बड़े-बड़े विद्वान छत्तीसगढ़ के दरभा में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हुए नक्सली हमले की कड़े शब्दों में निन्दा कर रहे…

चलो वह पत्रकार है ना, तो उसे मार…

निकाय चुनाव में मतदान के दौरान भदोही के जिलाधिकारी ने एक मतदाता को सरेआम थप्पड़ मार दिया. मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने इस घटना को अपने कैमरे में कैच किया, तो डीएम साहब भड़क…

पुलिस हिंसा और भ्रष्टाचार की बुनियाद अंग्रेजी साक्ष्य…

-मणिराम शर्मा|| ब्रिटिश साम्राज्य के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए गवर्नर जनरल ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 बनाया था| यह स्वस्प्ष्ट है कि राज सिंहासन पर बैठे लोग ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतिनिधि थे…

अखबार के दफ्तर में तिहरा हत्याकांड, अंधेरे में…

-एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास||​ अगरतला में 19 मई को `दैनिक गणदूत' के दफ्तर में तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस अभी अंधेरे में तीर चला रही है। इस मामले में प्रगति यह है कि…

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तो क्या पी.सी.ज्वैलर्स से ऑपरेट होता था सैक्स…

-नारायण परगाई|| देहरादून. देहरादून में पकड़ा गया अब तक का सबसे बड़ा सैक्स रैकेट जाने माने पी.सी.ज्वैलर्स के यहाँ से संचालित हो रहा था लेकिन पुलिस की थ्योरी मे इस नाम को बेपर्दा होने से…

स्वर्ण नगरी में देह व्यापार को मिल रहा…

स्वर्ण नगरी में फल फूल रहा है देह व्यापार का कारोबार..पुलिस की नाक के नीचे होता है देह का धंधा...कच्ची बस्तियों में बाहर से आई कई महिलायें इस धंधे में शामिल... -जैसलमेर से सिकंदर शेख़||…

धिक्कार है ऐसी पुलिस पर…

ये है हमारे तिरंगे की इज्जत हमारे समाज के रक्षक कहलाने वाले पुलिस की नजर में. जिस तिरंगे के लिए न जाने कितने ही वीर सपूतों ने अपने प्राणों की कुर्बानी दी, न जाने कितनी…

नटवर लाल भी शर्मिंदा हो सकता है पवन…

आज हम आपको मिलवा रहे हैं एक ऐसे महाठग से जो देश के बड़े मीडिया समूहों के साथ साथ सभी सुरक्षा एजेंसियों को अपना सहयोगी बता कर पत्रकारिता में आने को आतुर लोगों को अपने…

दस हज़ार में प्रेस कार्ड, अब इस ठगी…

-लखन सालवी|| दिल्ली से प्रकाशित पुलिस पब्लिक प्रेस के सर्वेसर्वा (मालिक संपादक) पवन कुमार भूत द्वारा 10,000 रुपए में प्रेस कार्ड दिए जा रहे हैं। यूं तो पवन कुमार भूत अपनी पत्रिका के माध्यम से…

बेख़ौफ़ अपराधी नहीं बल्कि हमारी पुलिस है…

-अनुराग मिश्र|| पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही चोरी, राहजनी और छेड़ छाड़ की घटनाओ ने राजधानी में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी है और पुलिस की कार्यकुशलता को सवालो के घेरे में…