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मोदी-शाह साहब के निजाम में लोकतंत्र ऐसा बचकाना ही हो सकता है..

By   /  January 26, 2020  /  राजनीति  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-विष्णु नागर।। अमित शाह जी लखनऊ में डंके की चोट पर कह आए हैं कि जिनको विरोध करना हो, कर लेंं, सिटीजन अमेंडमेंट बिल वापिस नहीं होगा। मोदी-शाह साहब के निजाम में लोकतंत्र ऐसा बचकाना ही हो सकता है,जहाँ विरोध को लात मारी जाती है। दरअसल बचपन में […]


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इस गांधी की नाक कटेगी.?

By   /  January 26, 2020  /  देश  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-कश्यप किशोर मिश्र।। इकतारा या सारंगी लिए नाथ सम्प्रदाय के जोगी भिक्षाटन को निकलते तो भीख मांगते भीख में फटे पुराने कपड़े भी मांगते थे। गुरु गोरखनाथ के ये जोगी उन गूदड़ो को सलीके से कई तह में रखकर सिलते जाते और उनसे कथरी जिसे गुदड़ी भी कहते […]


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घमंडी रघु शर्मा को महंगी पड़ेगी असामयिक मौतें..

By   /  January 5, 2020  /  राज्य  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें.. -सुरेन्द्र ग्रोवर|| एकतरफ कोटा के जेके लोन अस्पताल में नवजात और दुधमुंहे बच्चों की मौतों का  सिलसिला अभी थमा नहीं है तो दूसरी तरफ, बाड़मेर से भी कुछ ऐसी ही खबरें सामने आ रही हैं. उधर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर के संपूर्णानंद […]


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गहलोत सरकार, भ्रष्टाचार की शिकार और नवजात बच्चों पर मौत की मार..

By   /  January 3, 2020  /  देश  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-सुरेन्द्र ग्रोवर|| कभी संवेदनशील प्रशासन देने का वायदा करने वाले  अशोक गहलोत तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य की चिकित्सा व्यवस्था ही नहीं बल्कि छोटे छोटे बच्चों के लिए भी कितने संवेदनहीन साबित हो रहे हैं कि कोटा के जेके लोन अस्पताल में सिर्फ एक महीने में 103 बच्चों के काल का ग्रास बन जाने पर भी महज़ दो सौ किलोमीटर दूर कोटा स्थित इस अस्पताल का दौरा करने की बजाए जयपुर से साढ़े तीन सौ किलोमीटर दूर अपने गृह जिले और चुनाव क्षेत्र जोधपुर पहुँच उद्घाटनों में मशगूल हो गए.   गौरतलब है कि राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था शुरू से रामभरोसे चल रही है. अधिकांश सरकारी अस्पताल खुद मृत्युशैया पर पड़े सिसक रहे है. बच्चों के लिए बने जयपुर और कोटा इत्यादि के अस्पताल भारी अव्यवस्थाओं और लालफीताशाही के शिकार हैं. एक एक बिस्तर पर दो से तीन बच्चों का इलाज होना आम बात है.  यहाँ तक कि कई बार तो गंभीर रूप से बीमार दुधमुंहे  बच्चों को आले में लिटा कर इलाज किया जाता है. अस्पतालों के उपकरण अक्सर दम तोड़े पड़े रहते हैं. इन उपकरणों को फिर से दुरुस्त करने में महीनों लग जाते हैं, क्योंकि यह एक लम्बी प्रक्रिया होती है. पहले फण्ड माँगा जायेगा, फिर टेंडर निकलेगा, टेंडर पास होगा और उसके बाद ही उपकरणों कि मरम्मत हो पाती है और इसके चलते कई गम्भीर बीमार सही इलाज के अभाव में दम  तोड़ देते हैं.   याद रहे इन सरकारी अस्पतालों में सिर्फ गरीब लोग ही जाने को विवश होते है. साधन सम्पन्न लोग तो कभी इन अस्पतालों का रुख ही नहीं करते. हाँ, कुछ रसूखदार लोग ज़रूर इन अस्पतालों में वीवीआईपी की तरह मुफ्त इलाज करवाने पहुँचते रहते हैं और अस्पताल प्रशासन भी ऐसे लोगों की तीमारदारी में अपनी पूरी ताकत झोंक देता है.   हमने कोटा जेके लोन अस्पताल में पिछले दिनों में हुई 103 बच्चों की मौत के कारण जानने के लिए कोटा शहर के कुछ नागरिकों से बात की तो यही कहानी सामने आई. कोटा निवासी और राजस्थान के पूर्व शिवसेना प्रमुख प्रमोद चतुर्वेदी ने बताया कि कुछ समय पहले अपने बच्चे के बीमार पड़ने पर जेके लोन अस्पताल में ले गए थे लेकिन उनके बच्चे का इलाज तब तक शुरू नहीं हुआ, जबतक उन्होंने अपने राजनैतिक प्रभाव का उपयोग नहीं किया.    इसी तरह कोटा के एक पत्रकार ब्रिजेश विजयवर्गीय का कहना था कि जेके लोन भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं का अड्डा बना हुआ है. इस अस्पताल के जीवन रक्षक उपकरण अक्सर ख़राब रहते हैं और उनके सुधरने में महीनों लग जाते हैं और सुधारने की प्रक्रिया में भी भारी भ्रष्टाचार होता है. यदि इसकी शिकायत भी की जाती है तो कोई सुनवाई नहीं होती. यहाँ तक कि खबरें लिखने का भी कोई असर नहीं होता.   जब हमने इस मुद्दे पर बात करने के लिए राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को फोन किया तो उनके सचिव मनोज पारीक ने कहा कि मंत्री जी मीटिंग में हैं, इसलिए कुछ देर में कॉल बेक करवाता हूँ. लम्बे समय तक इंतजार के बाद हमने दोबारा फोन किया तो भी मनोज पारीक ने ही रघु शर्मा का मोबाईल फोन उठाया और फिर वही रट्टा पढ़ दिया. इसके बाद हमने उन्हें देर रात एसएमएस किया  लेकिन रघु शर्मा हमसे बात करने से बचते रहे.  इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..


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वर्तमान राजनीति हमें बेईमान बना रही है

By   /  April 6, 2018  /  देश  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-अरुण कुमार झा|| कोई व्यक्ति जन्मजात नैतिकताविहीन नहीं होता। नैतिक और अनैतिक संस्कार उसे परिवार और अपने समाज से मिलता है। जैसा पारिवारिक परिवेश होगा बच्चे के मन पर वैसा ही संस्कार अंकित होगा। संस्कारों के क्रमिक विकास में समाज का बड़ा योगदान होता है। बच्चे जिस समाज-चरित्र […]


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शुक्रिया एन डी टी वी , आपने मुझे नौकरी से निकाल दिया था

By   /  January 22, 2018  /  मीडिया  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-शेष नारायण सिंह॥ आजकल एन डी टी वी से नौकरी से हटाये गए लोगों के बारे में चर्चा है . खबर है कि कंपनी की हालत खस्ता है .करीब पंद्रह साल पहले हम भी एन डी टी वी से हटाये गए थे .जब हम हटाये गए थे तो […]


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ध्यान न रखा तो जल्द ही हो जाएंगे बूढ़े

By   /  October 20, 2012  /  बहस  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..– डॉ. दीपक आचार्य|| इक्कीसवीं सदी का सबसे बड़ा चमत्कार तो यही है कि आजकल समय से पहले जवान हो गए हैं बच्चे. वह जमाना बीत गया जब बच्चों को शिक्षा-दीक्षा देने के लिए हमें मशक्कत करनी पड़ती थी और वर्षों मेहनत करनी होती थी. जहाँ देखो वहाँ […]


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सुविधाओं से वंचित नौनिहाल…

By   /  October 5, 2012  /  देश, शिक्षा  /  2 Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-डॉ. आशीष वशिष्ठ||  बच्चे देश का भविष्य हैं लेकिन देश के नौनिहाल जिन विषम परिस्थितियों में जीवन बसर कर रहे हैं वो किसी भी दृष्टिïकोण से उज्जवल कल का संकेत नहीं देता है. देश के अधिकांश बच्चे अभाव में जी रहे हैं और उनको मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं […]


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