Loading...
You are here:  Home  >  दुनियां  >  देश  >  Current Article

सिविल सोसाइटी की टीम गिरफ्तार, विरोध में जनता सड़कों पर: अण्णा बोले, “नहीं थमेगा आंदोलन”

By   /  August 16, 2011  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

||लिमटी खरे||

0 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात

0 देश भर में विरोध का दौर जारी

 

नई दिल्ली। स्वाधीनता दिवस के दूसरे दिन सुबह 10 बजे से अनशन पर बैठने वाली टीम अण्णा को दिल्ली पुलिस ने सुबह ही बलात उठा लिया, जिससे तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती जा रही हैं। सरकार ने राजनैतिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति की बैठक बुलाई है। उधर संसद में भी लोकसभा में अन्ना हजारे की गिरफ्तारी को लेकर काफी हंगामा हुआ और अंततः लोकसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गयी। दिल्ली में भारी बारिश के बावजूद अण्णा के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं, जो पुलिस के लिए सरदर्द बना हुआ है।

आज अल सुब्बह अण्णा हजारे जो कि भूषण बंधुओं के मयूर विहार स्थित सुप्रीम एनक्लेव स्थित फ्लैट में रूके थे, से बाहर निकलते ही दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके उपरांत उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी सहित अनेक समर्थकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। किरण बेदी के अनुसार अण्णा ने जब गिरफ्तार होने से पहले उनका अपराध पूछा तो गिरफ्तार करने आए अधिकारियों ने कहा कि उन्हें उपर से आदेश हैं।

अण्णा हजारे, केजरीवाल और उनके अनेक गिरफ्तार समर्थकों को पुलिस ने सिविल लाइंस के श्यामनाथ मार्ग पर स्थित सबसे पुराने राजपत्रित अधिकारी पुलिस मेस में रखा गया।

बाद में अण्णा को बाकी लोगों के साथ तिहाड़ शिफ्ट कर दिया गया जबकि किरण बेदी को छोड़ दिया गया।

सरकार की ओर से केंद्रीय गृह सचिव ने बयान देते हुए कहा कि टीम अण्णा की गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की गई है। पुलिस को आशंका थी कि तय सीमाओं को अण्णा समर्थक तोड़ सकते थे, यही कारण है कि उन्हें हिरासत में लिया गया है। भ्रष्टाचार के मामले में बाबा रामदेव के साथ रामलीला मैदान में हुए तांडव के बाद अण्णा की गिरफ्तारी को लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बता रहे हैं।

अमूमन देश में अपनी बात को रखने के लिए धरना प्रदर्शन आम बात है। इस तरह के धरने प्रदर्शन की आदी हो चुकी सरकार द्वारा बाबा रामदेव और टीम अण्णा के साथ जो भी किया उससे देश वासियों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि टीम अण्णा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ सरकार का यह दमन अलोकतांत्रिक है। टीम अण्णा के सदस्य इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे भी खटखटाने जा रहे हैं।

दिल्ली में बरसते पानी में अण्णा के समर्थन में जुट रहे जनसैलाब को देखकर लगने लगा है कि आम आदमी भ्रष्टाचार से आजिज़ आ चुका है। नार्थ केंपस के छात्र भी सड़कों पर उतर आए हैं। वहीं दूसरी ओर अपनी गिरफ्तारी का टीम अण्णा को पहले से ही भान था। टीम अण्णा ने यू ट्यूब पर अण्णा का एक रिकार्डेड बयान डाला है जिसमें अण्णा अपने आप को गिरफ्तार जता रहे हैं। यह वीडियो सुपरहिट साबित हो रहा है।

 

यह रहा घटनाक्रम

06:43 अण्णा को सुप्रीम एनक्लेव से गिरफ्तार किया गया

06:47 अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार

06:50 अक्षरधाम मंदिर के पास अण्णा को ले जा रही पुलिस का समर्थकों ने रास्ता रोका

08:00 किरण बेदी गिरफ्तार

08:16 किरण बेदी क्वींस मेरी स्कूल ले जाई गईं

08:52 छत्रसाल से किरण बेदी को अन्यत्र ले जाया गया

09:05 सरकार ने 10 बजे सीसीपीए की बैठक बुलाने का एलान

09:06 गृह सचिव ने पहली बार सरकार की तरफ से दिया बयान

10:00 सीसीपीए की बैठक आरंभ

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You might also like...

क्या मोदी को चुनाव के पहले ही जाना पड़ सकता है ?

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: