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जन लोकपाल बिल छोड़ राहुल के समोसों पर टूट पड़े हजारे समर्थक

By   /  August 27, 2011  /  3 Comments

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जन लोकपाल बिल की मांग को लेकर 12 तुगलक लेन स्थित राहुल गांधी के आवास पर शुक्रवार शाम को अन्ना के समर्थकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन खत्म होने के बाद इन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मजेदार बात रही कि पुलिस जब समर्थकों को तुगलक रोड थाने ले जाने के लिए बसों में भरने लगी, तो वहां राहुल गांधी के आवास से समोसों और कोल्ड ड्रिंक की बोतलें भेज दी गईं, जिन पर दर्जनों समर्थक टूट पड़े। समर्थकों के इस बर्ताव पर एक बार खुद पुलिस भी हैरान हो गई।

अन्ना के अनशन को लेकर राहुल गांधी के बयान से गुस्साए सैकड़ों समर्थक शुक्रवार शाम करीब 5 बजे 12 तुगलक लेन पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने राहुल गांधी के घर के बाहर कई घंटे जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने राहुल के घर के इर्द-गिर्द बैरियर लगाकर आने-जाने के सारे रास्ते ब्लॉक कर दिए। इस दौरान कई समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए राहुल के घर की तरफ बढ़ने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद तमाम समर्थक सड़क पर लेट गए और काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों में युवतियों की मौजूदगी को देखते हुए उन्हें संभालने के लिए पुलिस ने बाद में महिला पुलिसकर्मियों की एक टुकड़ी को भी वहां बुला लिया।

पुलिस की कॉल पर डीटीसी ने तीन बसें घटनास्थल पर भेज दी। प्रदर्शन खत्म होने के बाद पुलिस ने तमाम समर्थकों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें थाने ले जाने के लिए पुलिस बस में बैठाने लगी। इसी दौरान राहुल के घर से कुछ कर्मचारी समोसों से भरे कार्टून और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों से भरे पॉलीथिन लेकर बसों की ओर बढ़े। बस पर पहुंचकर उन्होंने समर्थकों को कोल्ड ड्रिंक और समोसे बांटने शुरू कर दिए, जिन पर दर्जनों समर्थक बेतकल्लुफ टूट पड़े। आलम यह था कि बस के अंदर कोल्ड ड्रिंक को लेकर खींचतान शुरू हो गई। समर्थकों ने बस के बाहर से हाथ निकाल-निकाल कर समोसे मांगने शुरू कर दिए।

इसके बाद पुलिस तमाम समर्थकों को तुगलक रोड थाने ले आई। उन्हें यहां कुछ समय रखने के बाद छोड़ दिया गया। राहत की बात रही कि प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने शुक्रवार को कोई रोड ब्लॉक नहीं की। इससे लोग ट्रैफिक जाम और रूट डायवर्जन का सामना करने से बच गए। बता दें कि गुरुवार को पीएम हाउस पर प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने कई महत्वपूर्ण मार्गों को ब्लॉक कर दिया था। इससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई थी।

(नभाटा की खबर पर आधारित पोस्ट)

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. The ombudsman office is also criticized for the fact that its effectiveness tends to depend upon the character and personality of the ombudsman officer(s) themselves rather than the system as a whole.

  2. सभी तो अन्ना nahi हो सकते,उन्हें तो खाने ke liye कुछ मिलना चाहिए.

  3. mrityunay kr. Pandey says:

    isse rahul gandhi ko sikh leni chahiye ki ek samoshe aur coldrink ki kuch ghunto me hi anna samarth,chup chap mr. rahul ka bina virodh kiye chali gyi,sarm ani chahiye ap logo ko jo bharat k vikshit rastra bnane k liye sochte hai.jis ghade k mati hi kharab ho us kaisa v rang chadhaya jaye o chamakane vala nahi, aj sharad ji ne kahana is desh me 80perc. Janta 20 rup. Roj me gujara karti hai,sahab ap kya janenge garibi kya hoti hai, ap log bs rajniti karie garib ki koi jati nahi hoti, gandhi ji ne aise bharat ki kalpana nahi ki thi jaha har koi jativad ki hi bhasa bolta hai,ye unci nich ka fark kaise mitega, ap ek taraf use jativad ka certificate de rahe hai aur kah rahe hai jativad na karo,kaisi samanta hai ye samaj me,aur ap jati k base pe jan gadna v karva rahe hai,sa6se fkar a6a k samarthm ko apni taraf rijhana ho gya matlb har hal me janta ko hi bevkuf bnaya jata hai aur ladne ke liye chhod diya jata hai.jati,sampraday ,kshetravad k nam pe .

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