राजस्थान के मंत्री महिपाल मदेरणा की गर्दन पर कसा शिकंजा. अदालत ने कहा, हर हाल में मिलेगा न्याय

लोकगायिका भंवरी देवी प्रकरण राजस्थान सरकार के वरिष्ठ मंत्री महिपाल मदेरणा की गर्दन पर अदालत ने हत्या, अपहरण और दुष्कर्म की जाँच का शिंकजा कसते हुए मुख्यमंत्री के गृह जिले जोधपुर के बिलाडा पुलिस थाने को आदेश दिए हैं कि चाहे आसमान क्यों ना टूट जाये, न्याय होना ही चाहिए. बिलाडा की सिविल अदालत के इस आदेश के बाद मदेरणा का 25 सितम्बर से शुरू होने वाला मैक्सिको दौरा खटाई में पड़ गया है.

अदालत ने भंवरी देवी के पति द्वारा पेश परिवाद पर आदेश जारी करते हुए कहा कि बिलाडा पुलिस थाने में पहिले से दर्ज़ एफ आई आर संख्या 383/11 के साथ ही महिपाल मदेरणा के खिलाफ भारतीय दंड सहिंता कि धारा 302, 376, 365 और 120 बी के तहत जाँच की जाये. मामले की गंभीरता और महिपाल मदेरणा के राजनैतिक प्रभाव को देखते हुए अदालत ने पुलिस को हिदायत दी कि जाँच के दौरान समय समय पर अदालत में अनुसन्धान की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये. यही नहीं अदालत ने पुलिस को किसी भी बहानेबाज़ी से बचने की सलाह भी देते हुए कहा कि परिवादी को न्याय मिलना चाहिए, चाहे आसमान ही क्यों न टूट पड़े.  राजस्थान उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के कई फैंसलों का हवाला देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि अनुसन्धान अधिकारी परिवादी की तरफ से पेश परिवाद में दर्शाए गए तथ्यों और अभियुक्त के सम्बन्ध में में होने वाली जाँच, कार्यवाही तथा सम्बंधित सभी जानकारियां न्यायालयाल के समक्ष प्रस्तुत करे.

इस मामले कि जाँच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर रहें हैं और अदालती आदेश उन तक पहुंचा दिया गया है. परिवादी ने परिवाद में आरोप लगाया है कि लोकगायिका भंवरी देवी एएनएम् के पद पर राजस्थान सरकार की कर्मचारी थी तथा अपने तबादले के सिलसिले में मंत्री मदेरणा के पास गई थी. इस पर मंत्री ने भंवरी देवी का तबादला तो करवा दिया मगर इसकी एवज में आये दिन भंवरी देवी को फोन कर के बुलाने लगे. इस दौरान उन्होंने भंवरी देवी की अश्लील सी डी बना ली, जिसको दिखा कर मदेरणा भंवरी देवी को अपने अन्य साथियों के साथ सेक्स सम्बन्ध बनाने का दवाब डालने लगे और ऐसा नहीं करने पर अश्लील सी डी के ज़रिये समाज में बदनाम करने की धमकी देने लगे. जिससे तंग आकर भंवरी देवी ने मामले की शिकायत करने की बात की तो महिपाल मदेरणा ने भंवरी देवी का अपहरण करावा लिया और संभवतया उसकी हत्या करवा दी.

कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि मदेरणा में जरा सी भी नैतिकता है तो उन्हें तुरंत मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए क्योंकि इस प्रकरण में यदि सब कुछ इसी तरह चलता रहा तो महिपाल मदेरणा आरोपी सिद्ध हो सकते हैं. वहीँ इस सेक्स स्केंडल को लेकर आम नागरिक दबी जुबान में बोलने से नहीं चूक रहे कि खुद को राजस्थान का गाँधी कहलवाने के शौकीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की महिपाल मदेरणा ने ऐसी कौन सी नब्ज़ दबा रखी है, जिसके चलते अभी तक मदेरणा से मंत्री पद छोड़ने को नहीं कहा गया है. यही नहीं लोग तो यह कहने से भी नहीं चूक रहे की मदेरणा की जगह यदि कोई आम आदमी होता तो उसे हवालात पहुँचने में समय नहीं लगता.

Facebook Comments Box

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *