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बच्चे मर रहे थे और चिकित्सा मंत्री टेंडर घोटाले में व्यस्त थे..

By   /  January 6, 2020  /  No Comments

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-सुरेंद्र ग्रोवर।।

कोटा के जेके लोन अस्पताल जिस वक्त लगातार बच्चे मरने की खबरें आ रही थी तब राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा कोटा पहुँच हालातों पर काबू पाने की जगह एक कंपनी को चिकित्सा विभाग में सेनेटरी पेड का ठेका दिलाने मेँ जुटे थे। चिकित्सा विभाग में इस साल का यह सबसे बड़ा ठेका कोई 240 करोड़ रुपये का था

नाम न बताने की शर्त पर विभाग के एक बड़े अधिकारी से खबर मिली है कि जब कोटा में बच्चे मर रहे थे, तब मंत्री जी और विभाग राजस्थान सरकार का सबसे बड़ा टेंडर सेटल करने में लगे थे। करीब 240 करोड़ के टेंडर की टेक्निकल बिड 30 दिसम्बर को निकाली गई और 31 को फाइनेंशियल बिड हुई।

कहा तो यह भी जा रहा है कि सेनेट्री नेपकिन के इस टेंडर में अपनी पसंदीदा कंपनी को फायदा देने के लिए मंत्री महोदय ने टेंडर अपलोड होने की प्रक्रिया के दौरान ही नियम बदलवा दिए थे। बड़ी खबर है यह भी है कि रघु शर्मा इस 240 करोड़ रुपये के ठेके को सुचारू रूप से निपटान करवा भुगतान करवाने के लिए चिकित्सा विभाग में अपने किसी खास अफसर को लगवा इस घोटाले मूर्त रूप देने में लगे रहने से समय पर कोटा नहीं गया!

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  • Published: 2 months ago on January 6, 2020
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  • Last Modified: January 6, 2020 @ 7:17 am
  • Filed Under: राज्य

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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