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अप्रवासी मज़दूरों के लिए राहत की खबर..

By   /  March 28, 2020  /  No Comments

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-श्याम मीरा सिंह।।

एक राहत की ख़बर है, उत्तरप्रदेश सरकार ने दिल्ली के आसपास के बॉर्डर जैसे नोएडा, गाजियाबाद के आसपास करीब 80 बसें लगा दीं हैं, जो हर दो घण्टे पर प्रवासी मजदूरों को उनके गृह जिले तक पहुंचाने का काम करेंगी। इससे पहले जैसे ही सोशल मीडिया और मैनस्ट्रीम मीडिया ने प्रवासी मजदूरों को लेकर लगातार रिपोर्टिंग की थी उसके तुरंत बाद ही यूपी के मुख्यमंत्री ने उनके खाने-पीने के इंतजामात के आदेश कर दिए थे। ये एक अच्छी खबर है। मुझे पता है इन अच्छी खबरों से बाबा की अवैज्ञानिकता और सांप्रदायिक गुनाह कम नहीं हो जाते। उन तमाम मोर्चों पर बाबा की आलोचना बराबर की जाती रहेगी। फिलहाल बस अच्छा लग रहा है प्रवासी मजदूरों को कुछ तो राहत मिलेगी। बाकी लड़ाई बहुत लंबी है, जो सड़क से सदन तक जानी है।

मुख्यमंत्री ने जिस सक्रियता का परिचय दिया है वह काफी सकारात्मक है। लेकिन उनके समर्थकों को ये बात समझने की जरूरत है मीडिया का एक धड़ा जिसे आप लेफ्ट या टुकड़े टुकड़े गैंग कहते हैं असल में वही आपकी खबरें सरकार के कानों तक पहुंचाने का जोखिम उठाते हैं। आप जिसे चाहे उसे वोट करिए। जितने चाहे इलेक्शन जिताइए। लेकिन वोट डालने के अगले दिन से ही नागरिक बन जाइए।

मीडिया की आलोचनाओं से सरकारें नहीं गिरतीं, बल्कि उसे बेहतरी के साथ काम करने का मौका मिलता है। इसलिए मीडिया की एक भी शिकायती रिपोर्ट पर पत्रकारों को गाली देना बंद करिए। यही वह वक्त था जब कुछ एंकर मोदी चालीसा में लगे हुए थे, यही वह वक्त था जब मीडिया के कुछ एंकर ‘रामायण’ के प्रसारण की खबरें आपके मन मस्तिष्क में घुसा देना चाहते थे। यही वह वक्त था मीडिया का वह धड़ा जिसे आप लेफ्ट कहते हैं अपनी जान को रिस्क में डालकर ‘प्रवासी मजदूरों” की तस्वीरें आपतक और सरकार तक पहुंचा रहा था।

मीडिया का वह एंकर जो आपको देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति का मीठा प्याला पिला रहा है वह असल में आपके मस्तिष्क पर कब्जा कर लेना चाहता है। पहचानिए और सतर्क रहिए।

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  • Published: 2 months ago on March 28, 2020
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  • Last Modified: March 28, 2020 @ 10:08 pm
  • Filed Under: संकट

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