रजत शर्मा ने IPL पर लगाए फिक्सिंग के आरोप, राजीव शुक्ला ने की कार्रवाई

आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग की खबर आने के बाद बीसीसीआई हरकत में आ गई है। बीसीसीआई ने आईपीएल टीमों को सलाह दी है कि उन खिलाड़ियों को मैच में हिस्सा न लेने दें जिनका नाम स्पॉट फिक्सिंग में सामने आया है। ग़ौरतलब है कि इंडिया टीवी के एक स्टिंग ऑपरेशन में कई खिलाड़ियों ने फिक्सिंग को लेकर साफ संकेत दिए थे। दिलचस्प बात यह है कि रजत शर्मा के इंडिया टीवी के स्टिंग ऑपरेशन पर ऑपरेशन-क्लीन की जिम्मेवारी न्यूज 24 के मालिक राजीव शुक्ला को दी गई है।

बीसीसीआई ने ये भी कहा कि वो तब तक किसी पर प्रतिबंध नहीं लगा रहा है जब तक स्पॉट फिक्सिंग मामले में सबूत न मिल जाएं, लेकिन ये साफ है कि अगर खबर सही निकली तो उन खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इंडिया टीवी पर आई खबर के बाद बीसीसीआई प्रमुख एन. श्रीनिवासन ने बयान जारी किया था कि खेल को बचाए रखने के लिए बोर्ड हर जरूरी कदम उठाएगा। श्रीनिवासन ने यह भी कहा था कि अगर इसमें कोई भी सच्चाई है, तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। इसका मतलब खिलाड़ी को तुरंत निलंबित करना भी हुआ तो बीसीसीआई वो भी करेगा।

इंडिया टीवी ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में दिखाया है कि आईपीएल के एक खिलाड़ी ने मैच के दौरान नो बॉल फेंकने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की थी। हरकत में आई बीसीसीआई ने इंडिया टीवी से स्टिंग ऑपरेशन का पूरा टेप मंगाया है। दूसरा बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन ने आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला को भी निर्देश दिया है कि जिन खिलाड़ियों का भी नाम इसमें आया है उन्हें आईपीएल से तुरंत निकाल दिया जाए।

नीचे दिए गए वीडियो में देखिए इंडिया टीवी का स्टिंग ऑपरेशन:

http://youtu.be/uBXjqcmBwl4

उधर क्रिकेट के विशेषज्ञ बीसीसीआई के इस कदम के लिए ‘टू लिटिल-टू लेट’ जैसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। दरअसल, ऐसे मामले रह रहकर सामने आते रहते हैं लेकिन जब एंटी करप्शन यूनिट बनाने की बात हुई तो बीसीसीआई के अंदरखाने ही इसका विरोध किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि बीसीसीआई जैसी अमीर संस्था ने एंटी करप्शन युनिट न बनाने के पीछे ‘पैसों की कमी’ का हवाला दिया है।

हालांकि इंडिया टीवी के खुफिया कैमरे में बुरी तरह फंसे डेक्कन चार्जर्स के टीपी सुधीन्द्र ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन  दूसरी तरफ, स्पॉट फिक्सिंग का आरोप झेल रहे पंजाब किंग्स XI के खिलाड़ी शलभ श्रीवास्तव ने इस पूरी बात से ही इंकार कर दिया है। उसने ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है और कहा कि जिन लोगों ने ऐसा किया है, वो उनके साथ बीते साल से ही संपर्क में थे। शलभ के मुताबिक खुद को एक स्पोर्ट्स एजेंसी का बताकर उन्होंने डील करनी चाही लेकिन खिलाड़ी ने इससे साफ इंकार कर दिया। स्टिंग की क्लिपिंग के बारे में शलभ ने कहा कि वास्तविकता को इसमें से हटाया गया है। खिलाड़ी ने कहा, “नो-बॉल फेंकना तो दूर मैंने इस साल कोई आईपीएल और रणजी मैच खेला ही नहीं है।”

ताज़ा खबर ये है कि काउंसिल की इमरजेंसी मीटिंग में उन सभी पांच खिलाड़ियों को सस्पेंड करने का निर्णय लिया गया जिन्हें चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में फिक्सिंग के लिए मोलभाव करते दिखाया था। निलंबन पर बीसीसीआई ने मुहर लगा दी। जिन क्रिकेटरों को निलंबित किया गया है उनमें पुणे वॉरियर्स के मोहनीश मिश्रा, किंग्स इलेवन पंजाब के शलभ श्रीवास्तव, डेक्कन चार्जर्स के टी पी सुधींद्र, किंग्स इलेवन पंजाब के अमित यादव और दिल्ली के एक क्रिकेटर अभिनव बाली शामिल हैं।

आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने निर्णय लिया है कि स्टिंग ऑपरेशन में फंसे खिलाड़ियों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन होगा। ये कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों से पूछताछ करेगी। जांच पूरी होने तक इन खिलाड़ियों को सस्पेंड रखा जाएगा।

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