बालकुंज आश्रय गृह में बच्चियों के साथ सामूहिक बलात्कार..

रोहतक में अपना घर यौन शोषण मामला अभी निपटा भी नहीं है कि हरियाणा में ही बेसहारा बच्चों और महिलाओं के एक और शेल्टर होम की हकीकत सामने आ गई है। यमुनानगर में बच्चों के बालकुंज आश्रय गृह में बच्चों के साथ यौन शोषण और यातनाएं देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने फिलहाल एक नाबालिग के साथ बलात्कार के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

बालकुंज आश्रय गृह में रहने वाले बच्चों पर दबाव बनाया जाता था कि वो इस बाबत बाहर बात नहीं करें। जो ऐसा करता था उसकी पिटाई की जाती थी। ये मामला नहीं खुलता अगर यहां रहने वाली 13 और 14 साल की दो बच्चियां यहां से भाग नहीं जातीं। पिछले हफ्ते ही ये दोनों बच्चियां यहां से भाग गईं। जब यह खबर मीडिया में उछली तो यमुनानगर के डीसी ने घटना की जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान फरार हुई 14 साल की एक लड़की को खोज लिया गया।

पुलिसवाले भी करते थे ‘अपना घर’ में बच्चों से रेप

इस लडकी ने इस टीम को आपबीती सुनाई तो सबके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। लड़की ने बताया कि उसके साथ पांच लोगों ने गैंगरेप किया। बेहद डरी हुई लड़की पिटाई के डर से भाग गई। लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए पांच लोगों के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया। इन में से एक की पहचान सोनू नाम से की गई है।

पुलिस के मुताबिक लड़की के बयान लिए गए हैं और पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिटी मजिस्ट्रेट पूजा चावरिया के मुताबिक अभी जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मामले के सामने आने के बाद कई बच्चों को यहां से बाहर भेज दिया गया है और मामला और नहीं फैले इसके लिए मीडिया पर भी पाबंदी लगा दी गई है। बाल कुंज में इस तरह के गलत काम होने के आरोप लगने के बाद यमुनानगर के डीसी ने आनन-फानन में संस्थान के सुपरिटेंडेंट सुखविंदर सिंह का तबादला कर दिया है। मगर यहां ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये प्रशासन की तरफ से महज लीपापोती का मामला है?

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