एड्स के रोगी ने सौतेली बेटी से दुष्कर्म कर उसे भी एड्स से ग्रसित किया

सौतेली बेटी से बलात्‍कार करने के आरोपी और एड्स से ग्रसित एक व्‍यक्ति पर दिल्‍ली की एक अदालत ने दुष्‍कर्म और जबरन गर्भपात कराने के आरोपों के अलावा उस पर हत्‍या के प्रयास का आरोप भी लगाया है। 

अपर सत्र जज कामिनी ला ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान कहा कि उसने जानबूझ कर इस जानलेवा बीमारी का संक्रमण 15 साल की पीडि़ता में किया। वह जानता था कि इससे लड़की की मौत हो सकती है।
अदालत ने कहा कि हालांकि ऐसे मामलों को देखने के लिए किसी विशेष कानून नहीं हैं। अदालत की राय है कि मौजूदा हालात में ऐसे व्‍यक्ति पर आईपीसी की धारा 307( हत्‍या के प्रयास) का मुकदमा चलाया जाना चाहिये।

अदालत ने उस पर धारा 313( स्‍त्री की अनुमति के बगैर गर्भपात कराना) के तहत भी आरोप तय किये। आरोपी व्‍यक्ति ने पिछले साल पांच अगस्‍त को अपनी नाबालिग सौतेली पुत्री को पांच गोलियां खाने को दी थीं जिससे उसका गर्भपात हो गया था।

अदालत ने कहा कि यह स्‍पष्‍ट है कि आरोपी इस बात से अच्‍छी तरह वाकिफ था कि वह एचआईवी पॉजिटिव है। इसके बावजूद उसने सौतेली बेटी के साथ बलात्‍कार किया। उसने इस नाबालिग लड़की को भी वही बीमारी दे दी जिसका वह खुद शिकार है। इन हालातों में अगर पीडि़ता की मौत हो जाती है तो उसपर हत्‍या का दोषी माना जाएगा।

जज कामिनी ला ने आरोपी व्‍यक्ति पर हत्‍या के प्रयास का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे मालूम था कि उसके इस कृत्‍य से उसकी बेटी मर सकती है।

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