राहुल गाँधी बड़ी जिम्मेदारी सँभालने को तैयार, मीडिया लगा रहा कयास…

राहुल गाँधी द्वारा कांग्रेस में कोई बड़ी जिम्मेदारी निभाने की सहमति की खबरें आने के साथ ही ना केवल राजनैतिक क्षत्रों में खलबली मच गई है बल्कि मीडिया में भी राहुल गाँधी को लेकर कयास लगाने का दौर शुरू हो गया है.किसी का मानना है कि राहुल केबिनेट मंत्री का पद संभाल प्रधान मंत्री की कुर्सी की तरफ अपना पहला कदम बढाएगें तो कोई मान रहा है कि राहुल कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बन कर अगले लोकसभा चुनावों का बिगुल बजायेगें.

जागरण समूह के आईबीएन ७ ने अपनी साईट पर लिखा है कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है. कांग्रेस सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि राहुल गांधी को सरकार की बजाय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। राहुल गांधी को ये जिम्मेदारी सितंबर में सौंपी जा सकती है.

सूत्रों का कहना है कि सितंबर में मॉनसून सत्र के समाप्त होने के बाद कांग्रेस और सरकार में बड़े बदलाव होंगे। हालांकि राहुल गांधी सरकार में शामिल नहीं होंगे. लेकिन वो संभावना के मुताबिक कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर काम करेंगे। साथ ही लोकसभा में सदन का नेता सुशील कुमार शिंदे को बनाया जा सकता है। प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए नेता, लोकसभा के पद से इस्तीफा दे दिया था.

सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी व्यस्त होने के कारण पार्टी को और कार्यकर्ताओं को ज्यादा समय नहीं दे पा रही हैं. इसी वजह से राहुल गांधी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो साफ है कि पार्टी साल के अंत में गुजरात और हिमाचल में होने वाले विधानसभा चुनाव राहुल गांधी की अगुवाई में ही लड़ेगी.

तो इंडियाटूडे समूह के आजतक ने लिखा है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी की तरफ राहुल गांधी का पहला कदम अब उठने ही वाला है. कांग्रेस के आला सूत्रों से पता चला है कि मनमोहन मंत्रिमंडल में जल्द ही बड़ा फेरबदल होने वाला है. सबसे बड़ी बात तो ये होगी कि पहली बार राहुल गांधी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा.

राहुल गांधी के अलावा भी इस मंत्रिमंडल में कई दूसरे बदलाव भी होंगे. खबर है कि सुशील कुमार शिंदे को गृह मंत्रालय का जिम्मा मिल सकता है और पी चिदंबरम को वित्त मंत्रालय वापस मिल जाएगा. आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक, मानसून सत्र से पहले 26 जुलाई से 7 अगस्त के बीच ये सारे बड़े बदलाव कर लिए जाएंगे.

कैबिनेट के लिए राहुल का रास्ता साफ है और इस नए रोल के बारे में उन्होंने कह भी दिया. लगातार जिम्मेदारियों के बारे में उठ रहे सवालों को लेकर राहुल गांधी ने गुरुवार को ये साफ-साफ कह दिया कि वो कोई भी बड़ी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं. लेकिन उनका रोल क्या होगा, ये प्रधानमंत्री और कांग्रेस पार्टी को तय करना है. फैसला हो चुका है, बस अब उसपर अमल होना है.

हालांकि, कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी का कहना है कि सोनिया गांधी के बाद पार्टी में राहुल गांधी ही तो हैं. राहुल ने जो कहा है वो बुधवार को सोनिया गांधी की बात का जवाब भर है. केंद्रीय मंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेस के फारुख अब्दुल्ला मानते हैं की युवाओं को आगे आना चाहिए. राहुल को बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है तो ये काफी अच्छी बात है.

अब देखना ये है कि किसका अंदाज़ा सही निकलेगा? राहुल गाँधी सत्ता में सीधी भूमिका निभाएंगे या संगठन में? जो भी हो फ़िलहाल मीडिया को अपना सर खपाने और कयास लगाने का काम मिल गया है.

 

Facebook Comments Box

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *