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किस किसके लिए खाद्य सुरक्षा और बाकी लोगों का क्या?

By   /  July 6, 2013  /  बहस, राजनीति  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-पलाश विश्वास|| खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर राष्ट्रीय सहमति की परवाह किये बिना राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. संसद में विधेयक पास कराकर कानून बनाने के बजाय कांग्रेस नेतृत्व और सत्ता व वित्तीय परबंधन के कारपोरेट प्रबंधकों ने संसद को बाईपास […]


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कारपोरेट राज के भंडाफोड़ से कांग्रेस और भाजपा दोनों को गुस्सा क्यों आया..?

By   /  November 1, 2012  /  राजनीति  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..केजरीवाल ने जो आरोप लगाये हैं, उनमें नया कुछ भी नहीं है. जल जंगल जमीन और आजीविका से बहुसंख्य जनता को बेदखल करके, उत्पादन प्रणाली को तहस नहस करके, उत्पादक जनसमूहों के कत्लेआम के जरिये प्राकृतिक संसाधनों की बंदरबांट के सिद्धांत पर आजादी के तुरंत बाद से कारपोरेट […]


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मनमोहन सिंह नहीं बल्कि मुकेश अम्बानी चला रहे हैं केंद्र सरकार…

By   /  October 31, 2012  /  राजनीति  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..अरविन्द केजरीवाल ने मुकेश अम्बानी पर केंद्र सरकार के साथ मिल कर देश को लूटने के संगीन आरोप लगाये हैं. केजरीवाल का आरोप है कि लगता है कि लम्बे समय से भारत सरकार मुकेश अम्बानी की एजेंट की तरह काम कर रही है. अरविन्द केजरीवाल ने यह भी […]


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गरीबी उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता! असम समझौता लागू करने पर जोर दिया जाये – प्रणब मुखर्जी

By   /  August 15, 2012  /  देश  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास|| भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को खारिज करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं कोबचाने पर जोर दिया और अर्थ व्यवस्था के लक्ष्य बतौर समाजवादी जमाने की याद दिलाते हुए गरीबी उन्मूलन की सर्वोच्च प्राथमिकता तय की। उन्होंने कहा कि भूख, रोग और गरीबी से मुक्ति […]


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चपड़ासी की नौकरी से देश के गृहमंत्री तक का सफर. देश की सुरक्षा कैसे करेंगे, अभी कुछ साफ नहीं…

By   /  August 1, 2012  /  राजनीति  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..चपड़ासी की नौकरी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले असफल उर्जामंत्री से गृहमंत्री बने सुशील कुमार शिंदे देश की सुरक्षा  किस तरह करेंगे, आतंकवाद से कैसे निपटेंगे इत्यादि अहम सवालों के बारे में वह आज कुछ साफ नहीं कर पाए. उन्‍होंने बस इतना कहा कि गृह मंत्रालय […]


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राष्ट्रपति बतौर प्रणब दा कुछ खास नहीं कर पाएंगे…

By   /  July 28, 2012  /  राजनीति  /  No Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..-समीर सूरी|| कहा जाता है कि किसी भी इमारत को मज़बूत होने के लिए उसकी नींव का मज़बूत होना बहुत जरूरी है । राजनीति का जो खेल हमने तेरहवें राष्ट्रपति के चुनाव के दौरान देखा वह कोई नया नहीं है ।  इसका इतिहास राजेंद्र बाबू के चुनाव से शुरू होता है । नेहरु जी […]


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जब प्रणब पर हमला हो रहा था, तब वसुंधरा चुप क्यों थीं?

By   /  July 21, 2012  /  राजनीति  /  1 Comment

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को लेकर की जा रही टीका टिप्पणी के चलते एक बार फिर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के बीच जुबानी युद्ध हो गया। असल में दोनों एक दूसरे पर […]


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संकटमोचक रहे प्रणब मुखर्जी के संकट नहीं हो रहे कम…

By   /  July 8, 2012  /  राजनीति  /  2 Comments

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इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..राष्ट्रपति पद के लिए युपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. कांग्रेस के संकट मोचक रहे प्रणब मुखर्जी 13 जुलाई को मुंबई आने से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी ने मुखर्जी के संकट बढ़ाते हुए उन पर कई आरोप लगाकर राजनीतिक सरगर्मी […]


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