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‘भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने मुझे अपने मुख्यमंत्री पद के लक्ष्यों के लिए एक खतरा मान, मुझे निशाना बनाया और मुझे भाजपा छोड़ने को मजबूर कर दियाः जगदीश शेट्टार

जगदीश शेट्टार के आने से राज्य में कांग्रेस की ताकत बढ़ी है और कांग्रेस का 150 सीटें जीतना तय हैः मल्लिकार्जुन खड़गे

-अनुभा जैन
बेंगलुरु। 18.4.2023. कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों में मंथन चल रहा है। इसी कड़ी में, भगवा पार्टी के साथ अपने लंबे संबंधों को समाप्त करते हुए, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और छह बार विधायक रहे जगदीश शेट्टार सोमवार को औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गए। ज्ञातव्य रहे कि लिंगायत चेहरा जगदीश शेट्टार के कांग्रेस में शामिल होने से लिंगायत समुदाय में पार्टी की छवि बनाने में मदद मिलेगी जो बीजेपी के लिए एक वोट बैंक है क्योंकि बीएस येदियुरप्पा का समुदाय में बहुत प्रभाव है। कांग्रेस आक्रामक रूप से इस लिंगायत कार्ड को एक मजबूत एसेट के रूप में इस्तेमाल करने के लिए इच्छुक है।

शेट्टार अब हुबली-धारवाड़ सेंट्रल से चुनाव लड़ेंगे, जहां से वह 1994 से लगातार जीतते आए हैं, लेकिन बीजेपी के टिकट पर। भाजपा ने सोमवार को राज्य के महासचिव महेश तेंगिंकाई को हुबली-धारवाड़ सेंट्रल से अपना उम्मीदवार घोषित किया। जबकि शेट्टार अब हुबली-धारवाड़ सेंट्रल से 19 अप्रैल को अपना नामांकन पर्चा भरेंगे।

एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “जगदीश शेट्टार के शामिल होने से कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा। जगदीश शेट्टार के साथ आने से राज्य में कांग्रेस की ताकत बढ़ी है और उसे 150 सीटों पर जीत तय है। जब जगदीश शेट्टार जैसे किसी को पता चलेगा कि बीजेपी में कुछ गड़बड़ है तो लोग भी सोचेंगे। जब ऐसे लोग जा रहे हैं तो अंततः भाजपा के बारे में लोगों की धारणा बदलेगी। उन्हें एहसास होगा कि बीजेपी उनके नेताओं को आजादी नहीं दे रही है।

शेट्टार से खास बातचीत-

मीडिया से बातचीत में शेट्टार ने दावा किया कि बीजेपी पार्टी में कुछ दो-तीन लोग ही फैसले लेते हैं। वे पीएम मोदी और अमित शाह से सच्चाई और राज्य की घटनाओं को छिपाकर कर्नाटक में पार्टी को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी ने भाजपा का निर्माण किया क्योंकि पार्टी महत्वपूर्ण है, व्यक्ति नहीं। लेकिन अब पार्टी कुछ लोगों के नियंत्रण में है।’’

शेट्टार ने कहा, ”बीजेपी एक लिखित अंडरटेकिंग चाहती थी कि मैं इस बार चुनाव नहीं लड़ूंगा। उन्होंने मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे मैं एक छोटा बच्चा हूं। मैंने अपमानित महसूस किया और इससे मेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंची। मैं आरएसएस पृष्ठभूमि से हूं, लेकिन मैं धर्मनिरपेक्ष हूं। मैंने कभी भी अपनी जाति या धर्म के खिलाफ नफरत भरे भाषण नहीं दिए।” उन्होंने कहा कि मैंने अपने पूरे करियर में सभी के साथ समान व्यवहार किया। मेरी विचारधारा लोगों की सेवा करना है। मैं सत्ता के लिए कांग्रेस में शामिल नहीं हुआ हूं।
उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव का परिणाम भाजपा में उन लोगों को मेरा जवाब होगा जिन्होंने मुझे हल्के में लिया। मैं कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए कड़ी मेहनत करूंगा।

मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कि क्या उनके बाहर निकलने से बीजेपी को भविष्य में विपरीत असर या नुकसान होगा और कैसे? उन्होंने जवाब दिया और कहा, “हां, निश्चित रूप से पार्टी से मेरे इस्तीफे का असर भगवा पार्टी पर न केवल उत्तरी कर्नाटक में बल्कि पूरे राज्य में पड़ेगा। इस स्थिति को देखकर कई लिंगायत नेता और कार्यकर्ता परेशान हैं और यह बीजेपी के खिलाफ काम करेगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने मुझे बढ़ने में मदद की है इसलिए मैं बीजेपी को मानता हूं। हालांकि पार्टी में कुछ काली भेड़ें हैं जो अपने स्वार्थ के लिए काम कर रही हैं। भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने मुझे अपने मुख्यमंत्री पद के लक्ष्यों के लिए एक खतरे के रूप में लिया और जानबूझकर बाधाएँ खड़ी कीं और उन्होंने मुझे निशाना बनाया। अंत में पूरे विश्वास के साथ शेट्टार ने कहा, “जैसा कि मुझे अपने तमाम समर्थकों का पूरा समर्थन मिल रहा है मैं लगातार सातवीं बार इस बार भी रिकॉर्ड अंतर से जीतूंगा।

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