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SUN TV के मालिक दयानिधि मारन ने ली थी 600 करोड़ की घूस, CBI ने की छापेमारी

By   /  October 10, 2011  /  1 Comment

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सन टीवी के मालिक और पूर्व कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन व उनके भाई कलानिधि मारन के चेन्नई, हैदराबाद और दिल्ली स्थित घरों और परिसरों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार सुबह एक साथ छापेमारी की। खबरों के मुताबिक ये छापेमारी सुबह छह बजे से दोपहर लगभग बारह बजे तक चली। सूत्रों ने बताया कि ये छापे एयरसेल मैक्सिज समझौते के संबंध में मारे गए हैं।

गौरतलब है कि एयरसेल मैक्सिज समझौते के चलते ही मारन की मुश्किलें बढ़ गई थीं और उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। एयरसेल के पूर्व प्रमुख सी़ शिवशंकरन ने आरोप लगाया था कि दूरसंचार मंत्री रहते हुए दयानिधि मारन ने उनकी कंपनी को नियंत्रण में लेने के लिए मैक्सिज समूह का पक्ष लिया था और बदले में कंपनी ने एस्ट्रो नेटवर्क के जरिए मारन परिवार के स्वामित्व वाले सन टीवी में निवेश किया।

सीबीआई ने दूरसंचार विभाग से भी कहा है कि वह सन टीवी कार्यालय और मारन के आवास को जोड़ने वाले विवादास्पद दूरसंचार कनेक्शन के बारे में तकनीकी ब्यौरा उपलब्ध कराए। सीबीआई के सूत्रों के अनुसार दयानिधि मारन जब दूरसंचार मंत्री थे तब बीएसएनएल महाप्रबंधक के नाम पर 323 आवासीय लाइनें सन टीवी को मुहैया कराई गई थीं। आरेप के मुताबिक ये लाइनें मारन के आवास बोट हाउस और सन टीवी के कार्यालय के बीच एक भूमिगत केबल के जरिए जुड़ी थीं।

सीबीआई प्रवक्ता धारिणी मिश्रा के मुताबिक जांच एजेंसी ने मारन बंधुओं राल्फ मार्शल और टी़ आनंद कृष्णन तथा तीन कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई के मुताबिक मारन को मैक्सिज डील में में छह सौ करोड़ रुपए की रकम घूस के तौर पर मिली थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी हालिया स्टेटस रिपोर्ट में कहा था कि मारन के कार्यकाल के दौरान शिवशंकरन को प्रयोजन पत्र उपलब्ध कराने में जानबूझकर देरी की गई थी।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. muthugan says:

    He should be thrown in front of hungry tigers.

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