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नई दिल्ली में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में ‘हिस्सा’ लेंगे रुश्दी, ‘‘आएंगे या नहीं?” पर सस्पेंस

By   /  March 13, 2012  /  No Comments

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विवादास्पद लेखक सलमान रुश्दी इंडिया टुडे के सालाना कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने आ रहे हैं या नहीं इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। रुश्दी का नाम कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों में सूचीबद्ध है लेकिन अभी तक ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि वे यहां शारीरिक रूप से मौजूद होंगे या नहीं।

इंडिया टुडे ने एक मीडिया समूह को इस सवाल के जवाब में भेजे अस्पष्ट ईमेल में कहा है, ‘‘सलमान रुश्दी कॉन्क्लेव में उपस्थित रहेंगे। हम इस संबंध में और कोई जानकारी का खुलासा करने में असमर्थ हैं।”

ग़ौरतलब है कि रुश्दी के विवादास्पद उपन्यास सैटेनिक वर्सेज का दुनिया भर के कट्टरपंथी मुस्लिमों ने भारी विरोध किया था और उनके विरुद्ध फतवा भी जारी किया था।

पिछले महीने जब जयपुर में आयोजित साहित्य महोत्सव में उनके आने की चर्चा थी तब भारत के कई मुस्लिम संगठनों ने उनका जमकर विरोध किया था। संगठनों की ओर से मिली धमकी के बाद राज्य सरकार ने रुश्दी की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया था और विवादास्पद लेखक को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी थी। और तो और आयोजकों को हिंसा के भय से उनकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी रद्द करनी पड़ी थी।

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  • Published: 6 years ago on March 13, 2012
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  • Last Modified: March 13, 2012 @ 11:27 pm
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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