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क्या है ‘अभि-सेक्स’ मनु की सीडी की हक़ीकत? हाई कोर्ट में बंट रही है ‘Hot News’

By   /  April 21, 2012  /  8 Comments

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हाईकोर्ट में इस बात की चर्चा भी जोरों पर है कि यह एमएमएस आखिर बनाया किसने और कैमरे की पोजीशन क्या थी? यूट्यूब के वीडियो को देख कर ऐसा लगता है कि कैमरा टेबल पर ही रखा था और उसे रिकॉर्ड मोड पर डाल कर छोड़ दिया गया है। बहुत संभव है कि इसे उसके सामने मौजूद कम से कम एक शख्स की मर्ज़ी से ही ऑन किया गया है।”

 

अभिषेक मनु सिंघवी बेशक अदालत में ऐसा साबित करने में सफल हो गए हों, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट में कम ही लोग ये मानने को तैयार हैं कि  ये सीडी नकली और छेड़छाड़ कर बनाई गई है। हाईकोर्ट के सभी वकीलों के पास इन दिनों ‘हॉट न्यूज’ के नाम से एक गुमनाम पत्र सर्कुलेट हो रहा है जिसमें इस मामले पर गर्मागर्म गॉसिप है और इस बारे में बहस करने की मांग की गई है।

दरअसल जस्टिस रेवा खेत्रपाल की अदालत में इस मामले पर कोई बहस ही नहीं हुई और मामले का निपटारा भी हो गया। ड्राइवर ने बेशक अपनी गलती मानते हुए सीडी से छेड़छाड़ की बात मान ली हो, लेकिन ये कुबूलनामा और समझौता वकीलों के गले से नीचे नहीं उतर रहा। हाई कोर्ट में यह चर्चा आम है कि अगर ड्राइवर ने यह सीडी मॉर्फ करवाई थी तो आखिर कहां से?

एडिटिंग के जानकार मानते हैं कि यूट्यूब और ट्विटर पर मौजूद वीडियो में दिख रहे शख्स की सिंघवी से इतनी समानता है कि असल-नकल का फर्क कर पाना मुश्किल होगा। अगर इतनी सटीक मॉर्फिंग की भी जाए तो 12 मिनट के वीडियो पर लाखों रुपए का खर्च आएगा और अगर ये इतनी साफ मॉर्फ हुई है तो इसपर आने वाला भारी-भरकम खर्च किसने उठाया होगा? ज़ाहिर है, अगर अदालत में बहस हुई होती तो इन सवालों का जवाब देना ड्राइवर और सिंघवी दोनों के लिए मुश्किल होता।

हाईकोर्ट में इस बात की चर्चा भी जोरों पर है कि यह एमएमएस आखिर बनाया किसने और कैमरे की पोजीशन क्या थी? यूट्यूब के वीडियो को देख कर ऐसा लगता है कि कैमरा टेबल पर ही रखा था और उसे रिकॉर्ड मोड पर डाल कर छोड़ दिया गया है। कैमरा मोबाइल फोन से उपर की क्वालिटी का नहीं है और बहुत संभव है कि इसे उसके सामने मौजूद कम से कम ए शख्स की मर्ज़ी से ऑन किया गया है। हाईकोर्ट के एक वकील ने पूछा कि अगर दोनों पात्रों को सही मान लिया जाए और अगर इनमें से कोई भी किसी अहम पद पर बैठ जाता तो ये एमएमएस फिल्म दूसरे के लिए किसी कामधेनु से कम नहीं साबित होती। ऐसे में इसे बनाने की मंशा साफ समझी जा सकती है।

‘हॉट न्यूज’ के पर्चे में एक वरिष्ठ वकील, राजनेता और सिंघवी के संवैधानिक पद का जिक्र किया ही गया है, साथ ही एक महिला वकील का ज़िक्र है जो हाल ही में ग्रैंड मदर (नानी या दादी) बनी हैं। उन कथित महिला वकील के बारे में भी हाई कोर्ट में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है। कोई कह रहा है कि ट्विटर पर मौजूद फिल्म में जिस महिला से मिलती-जुलती ‘मॉर्फिंग’ की गई है उनका नाम एक अहम संवैधानिक पद के लिए नामित हो चुका है और इसके लिए कांग्रेस सरकार के उच्च स्तरीय नेता की सिफारिश लगी थी। खास बात ये है कि सांसद अभिषेक मनु सिंघवी  तो इस सीडी के प्रसारण को रुकवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए थे, लेकिन महिला का कोई पता नहीं है। अभी तक इस सवाल का भी कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है कि महिला की शक्ल वास्तविक है या मॉर्फिंग करके उसे एक चर्चित महिला वकील की शक्ल का बनाया गया है?

उधर अभिषेक मनु सिंघवी और उनके पुराने ड्राइवर ने गुरूवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने ‘सौहार्दपूर्ण तरीके’ से सीडी विवाद का निपटारा कर लिया है। सिंघवी के इस पुराने ड्राइवर पर इस कथित सीडी को टीवी टुडे मीडिया ग्रुप को देने का आरोप है। जस्टिस रेवा खेत्रपाल ने सिंघवी और उनके पुराने साथी अभिमन्यु भंडारी द्वारा ड्राइवर और मीडिया समूह के खिलाफ दायर दीवानी मुकदमे में तब आदेश दिया जब कोर्ट को उनके बीच समझौता हो जाने के बारे में सूचित किया गया।

जस्टिस खेत्रपाल ने 13 अप्रैल को एकतरफा आदेश देकर सीडी के प्रकाशन, प्रसारण पर रोक लगाई थी। जस्टिस खेत्रपाल ने सिंघवी के ड्राइवर मुकेश लाल का बयान दर्ज किया। आजतक, हेडलाइंस टुडे और इंडिया टुडे के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह उस व्यक्ति को कथित सीडी वापस दे देंगे, जिसने उन्हें दी है। सिंघवी के वकील ने कोर्ट से कहा कि दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के मद्देनजर वह लाल के खिलाफ पुलिस के समक्ष दायर शिकायत को वापस लेंगे। अदालत ने लाल के जवाब को भी संज्ञान में लिया, जिसमें उन्होंने वकील को धमकी भरा एसएमएस भेजने के लिए माफी मांगी थी।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

8 Comments

  1. Pawan Singh says:

    confarm nhi h

  2. अशोक व्यास अहमदाबाद says:

    १. मनु जी का कहना की सीडी में वो नहीं है, तो फिर उन्हों ने स्टे क्यूँ लिया.
    २. हर बात की सी. बी. आई. जाँच की मांग करने वाले मनुभाई इस बार चुप क्यूँ है.
    ३. इतनी बड़ी भूल करने वाले ड्रायवर को केसे माफ़ कर दिया, जबकि उनका करियर तबाह हो रहा है..
    ४. देश के सबसे नामी वकील हो कर भी कोर्ट के बहार समझोता क्यूँ किया.
    ५. कुछ किया हि नही तो मुह छिपाते क्यूँ फिर रहे है.

  3. Vinay David says:

    sex karna koi buri bat nahi sabhi ki ikchha hoti hai. manu ji to bade log hai inko to khuli chhut hai.

  4. Rakesh Kanwar says:

    media kyo khamosh hai,, yeh tazub ki baat hai,,, kyoki jab bjp ke mla laptop me bf dekhtey paaye gaye they to media ne din raat kar ke bjp ki neend haraam kar di thee,,, jabtak mls suspend nahi ho gaye,,,,, ab itna sanaata kyo hai bhai?

  5. Pawan Singh says:

    sahi h ki manu abhishek ki photo coart me bat rhi h.

  6. congress kee charitraheenta jagjahir hai..ND tIvari, Mderna….aur agar dhang se khoj karoge…to jiski poonchh uthaoge…mada hi niklega.

  7. Atul Agarwal says:

    हो सकता है अभिषेक मनु सिंघवी की जानकारी के बाहर इसका कोई भाई हो जो हुबहु इसके जैसा दीखता हो.हाहाहा.

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