/कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी से झाड़ा पल्ला, टीवी पर बहस में जाने से मनाही

कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी से झाड़ा पल्ला, टीवी पर बहस में जाने से मनाही

कांग्रेस कथित अश्लील सीडी के बाद अब अभिषेक मनु सिंघवी की ‘परछाई’ से भी बच रही है। कांग्रेस बिल्कुल नहीं चाहती कि वह कहीं भी पार्टी की ओर से बोलते दिखें। पिछले दिनों सिंघवी एक अंग्रेजी न्यूज चैनल पर टीम अन्ना मामले पर पार्टी की ओर से सफाई देते दिखे थे। बुधवार को कांग्रेस ने आनन-फानन में न्यूज चैनलों में भाग लेने वाले अपने प्रवक्ताओं की नई लिस्ट जारी की। इसमें अभिषेक मनु सिंघवी का नाम हटा दिया गया है।

न्यूज चैनलों के प्रोग्राम में भाग लेने वाले कांग्रेस प्रवक्ताओं की इस नई लिस्ट में मनीष तिवारी, राशिद अल्वी, रेणुका चौधरी समेत 18 कांग्रेस नेताओं के नाम हैं। कांग्रेस ने आनन-फानन में यह लिस्ट क्यों जारी की, इस पर पार्टी के सूत्रों का कहना है कि दरअसल यह सिंघवी को यह जतलाने की कोशिश है कि वह न्यूज चैनलों पर पार्टी की तरफ से न बोलें।

गौरतलब है कि अश्लील सीडी विवाद के बाद से ही कांग्रेस ने सिंघवी से किनारा कर लिया था। उन्हें कानून और न्यायायिक मामलों की स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसलिए टीवी चैनलों पर उनकी वापसी पार्टी को अखरी और उसने तुरंत उन्हें दूर ही रहने का इशारा कर दिया। कांग्रेस ने मीडिया सेल में भी नई नेम प्लेट लगाई है। इसमें तिवारी, अल्वी और रेणुका चौधरी के नाम ही हैं। यही नहीं पार्टी के कानून और मानवाधिकार सेल से भी सिंघवी का नाम हटा दिया गया है। सिंघवी इस सेल के चेयरमैन थे।(नभाटा)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.