/आमिर के प्रयास के चार दिन बाद एक और ऑनर किलिंग का मामला

आमिर के प्रयास के चार दिन बाद एक और ऑनर किलिंग का मामला

ऑनर किलिंग को लेकर आमिर खान द्वारा प्रस्तुत सत्यमेव जयते के अंक को गुजरे चार दिन भी नहीं हुए थे कि हरियाणा में एक युवा दंपति को कथित तौर पर लड़की के परिवार के सदस्यों ने गोली मार दी और गंभीर रूप से घायल कर दिया। ये लोग कथित तौर पर उनकी शादी से नाखुश थे।

पुलिस ने बताया कि वेदप्रकाश और उसकी पत्नी मोनिका उस वक्त गंभीर रूप से घायल हो गए, जब कथित तौर पर लड़की के परिवार के सदस्यों ने जिले के पटौदी शहर में गत गुरुवार को बेहद करीब से दोनों को गोली मार दी। वे लोग इस शादी से कथित तौर पर नाराज थे।

डीसीपी (दक्षिण) ने कहा कि दोनों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की हालत गंभीर बताई जाती है। उन्होंने कहा कि नजदीकी गांव के रहने वाले दोनों पीड़ितों को प्यार हो गया और पिछले साल अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ भागकर शादी कर ली। इसके बावजूद दंपति का संपर्क रिश्तेदारों से बना हुआ था।

पिछले सप्ताह मोनिका के रिश्तेदारों ने दंपति को घर लौटने के लिए राजी किया। उन्होंने आश्वासन दिया था कि वे उनकी शादी को लेकर अब नाराज नहीं हैं। पारंपरिक तरीके से उनकी दोबारा शादी कराने के बहाने मोनिका के रिश्तेदार गुरुवार को उन्हें मंदिर ले गए।

हालांकि नजदीक के ही एक निर्जन स्थान पर मोनिका के दो भाइयों राजू और भोला के साथ परिवार के अन्य सदस्यों ने दंपति को गोली मार दी और मरा हुआ मानकर उन्हें घटनास्थल पर ही छोड़कर चले गए।

घायल अवस्था में मोनिका ने पुलिस को फोन किया, जिसके बाद उन्होंने उन्‍हें बचाया। पुलिस ने मोनिका के परिवार के सदस्यों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या के प्रयास) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.