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राजस्थान के सिरोही जिले से एक हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है. यहां एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने दावा किया कि वह लड़का नहीं, लड़की है…इसलिए वह दुष्कर्म कर ही नहीं सकती. पुलिस ने आरोपी की बातों पर पहले यकीन नहीं किया. लेकिन उसके बार-बार खुद को लड़की बताने पर मेडिकल परीक्षण करवाया गया. जब रिपोर्ट आई तो पुलिस भी भौंचक्की रह गई.

सिरोही में 28 नवंबर को एक नाबालिग लड़की ने खुद के अपहरण और दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था. उसने पुलिस को बताया कि मेड़ा निवासी शंकर (25 साल) ने उसका अपहरण कर लिया और 2 दिनों तक उसके साथ रेप करता रहा. पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की. लेकिन मेड़ा गांव में शंकर नाम का कोई युवक नहीं मिला. पुलिस ने पीड़िता से आरोपी का हुलिया पूछा और आरोपी को 5 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस पूछताछ में आरोपी शंकर ने बताया कि वह लड़की को लेकर जरूर गया था, लेकिन उसने दुष्कर्म नहीं किया. उसने यह भी दावा कि वह दुष्कर्म कर ही नहीं सकता, क्योंकि वह लड़का नहीं, लड़की है.

पुलिस को आरोपी पर विश्वास नहीं हुआ और उसने बहाना समझकर शंकर के दावे को गंभीरता से नहीं लिया. लेकिन वह बार-बार खुद के लड़की होने की बात पर अड़ा रहा. पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण करवाया. रिपोर्ट देखकर पुलिस को यकीन नहीं हुआ. मेडिकल परीक्षण में शंकर का दावा सच साबित हुआ और वह पुरुष नहीं महिला है. वह 3 साल पहले एक बच्चे को भी जन्म दे चुकी है. पुलिस ने आरोप लगाने वाली लड़की और उसके परिजनों से दोबारा पूछताछ की. लड़की ने स्वीकार किया कि उसने झूठे आरोप लगाए थे. पुलिस ने नाबालिग लड़की का भी मेडिकल परीक्षण करवाया, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है.

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