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सत्ता की वफादार पुलिस और बलि का बकरा आम जनता.. दम तोड़ती अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता.. गरीब अडाणी का तो सत्यानाश हो गया.. प्रदूषण से दुनिया के शतरंज खिलाड़ियों के खेल पर खतरा.. महिला सशक्तिकरण से अधिक महिलाओं के नेतृत्व की ज़रूरत.. अडानी बना सरकार के गले की हड्डी.. अडाणी या धूमकेतु.? एक लाड़ले बच्चे से परे स्कूल शिक्षा में कुछ नहीं

-सुनील कुमार।।

बाबाओं से भरे हुए हरियाणा में बलात्कार की ताजा सजा पाने वाला बाबा बड़े दिलचस्प नाम वाला है। जलेबी बाबा को फास्ट ट्रैक कोर्ट के स्पेशल जज ने 14 साल की कैद सुनाई है, उस पर अनगिनत महिलाओं से बलात्कार के अलावा उनके वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने का भी आरोप है। पांच बरस से मुकदमा चल रहा था, और फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी इतना समय लग गया। यह बाबा किसी धार्मिक संगठन से निकलकर नहीं आया था, वह हरियाणा में एक जगह जलेबी बनाकर बेचता था, और बाद में उसने घर में मंदिर बनवाया, और इस मंदिर में वह महिलाओं को उनकी परेशानियों का समाधान बताता था, और यह करते-करते वह बिल्लू राम से जलेबी बाबा बन गया था। पुलिस ने अदालत को बताया कि वह शारीरिक और मानसिक तकलीफों वाली महिलाओं के इलाज का दावा करता था, उन्हें खाने-पीने की चीजों में नशा देता था, और उसके बाद उनसे छेडख़ानी को मंदिर के खुफिया कैमरों में रिकॉर्ड कर लेता था। इसके बाद वह ब्लैकमेल करके बलात्कार भी करता था, और रकम भी वसूलता था।

हरियाणा ढेर किस्म के पाखंडी बाबाओं का प्रदेश है, और इनमें से बहुत से बलात्कारी दर्ज हुए हैं, और ऐसा माना जा सकता है कि बाकी के बलात्कार अब तक सामने नहीं आए होंगे, वे बलात्कारी रहे जरूर होंगे। धर्म और आध्यात्म लोगों के शोषण का सबसे आसान जरिया रहता है, भक्तजन और मानने वाले लोग अपने तर्कों को, अपनी वैज्ञानिक समझ को ताक पर धरकर आते हैं, और अपने आपको शारीरिक और मानसिक रूप से गुलाम की तरह पेश कर देते हैं। बाबाओं के चक्कर में पडऩे वाले लोग बलात्कार को भी अपनी खुशकिस्मत मान लेते हैं, और भक्तजनों के पूरे-पूरे परिवार बलात्कारी बाबाओं को समर्पित रहते हैं। हम पहले कई बार इसी जगह पर आसाराम के बारे में लिख चुके हैं जो कि स्वघोषित बापू था, और अपने भक्त परिवार की एक नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में अब तक जेल में है, और देश के सबसे बड़े और महंगे वकील भी उसको जमानत नहीं दिला पाए हैं। लेकिन इससे उसके भक्तों पर बहुत असर नहीं पड़ा है, और आज भी वे आसाराम का प्रचार करते हुए अपने पूरे परिवार और बच्चों सहित सडक़ों पर दिखते हैं, और कभी जुलूस निकालते हैं, कभी कार्यक्रम करते हैं, और उसे छोडऩे की मांग भी करते हैं। इतिहास में हर जगह धर्म का नाम लेकर पाखंड चलाने वाले ऐसे बलात्कारी दर्ज हुए हैं, और हर किस्म के धर्म में ऐसे बलात्कार सामने आए हैं। अभी पिछले पोप के मरने पर चार दिन पहले ही हमने इसी जगह पर लिखा था कि उस पोप ने किस तरह दुनिया भर में पादरियों द्वारा बच्चों के साथ बलात्कार के मामलों में नरमी दिखाई थी, और उन्हें सजा से बचाया था। ऐसा हाल हिन्दुस्तान में जगह-जगह देखने मिलता है, और जलेबी बाबा नाम के इस बलात्कारी के बारे में कुछ खबरें बताती हैं कि उसने सवा सौ महिलाओं से बलात्कार किया था।

हिन्दुस्तान की एक दिक्कत यह भी है कि यहां अधिकतर लोगों को किसी भी मानसिक समस्या के लिए तो मनोचिकित्सक हासिल हैं, और न ही परामर्शदाता। इसलिए मानसिक परेशानी रहने पर गरीब परिवार अपने लोगों को सीधे किसी बाबा, किसी मजार, या किसी गुरू के पास ले जाते हैं, और वहां पर उनका तरह-तरह से शोषण होता है। एक तो परिवार परेशान रहता है, दूसरा ऐसे पाखंडी उन्हें अपने किस्म के इलाज का झांसा देते हैं, और मरीज बच्चे और महिलाएं बलात्कार के शिकार हो जाते हैं। इससे परे हरियाणा में ही बाबा राम-रहीम नाम के एक और बलात्कारी की भयानक कहानी सबके सामने है, जिसे 20 साल की कैद हुई है, और एक पत्रकार की हत्या करवाने के जुर्म में उम्रकैद भी हुई है। राम-रहीम ने अपने आपको एक बहुत बड़ा आध्यात्मिक गुरू बताया, और उसके डेरे में साधुओं को बधिया बनाने के बहुत से मामले किए गए थे। उस पर साध्वियों से बलात्कार के मामले चले, और इसका भांडाफोड़ करने वाले पत्रकार की भी इस बाबा ने हत्या करवा दी। जिस हरियाणा में महिलाओं को सामाजिक रूप से अधिकारों से दूर रखा जाता है, उस हरियाणा में इस किस्म के पाखंडियों को एक उपजाऊ जमीन मिल जाती है।

हिन्दुस्तान में धर्म के नाम पर धर्मान्धता और कट्टरता को बढ़ावा देकर लोगों की वैज्ञानिक सोच को खत्म करने का जो सिलसिला पिछले बरसों में चलाया गया है, उससे इस देश की जनता इसी किस्म के पाखंडी और बलात्कारी बाबाओं की गुलाम बनने के खतरे में पड़ गई है। धर्म सिर्फ अनपढ़ों को ही धोखे के लायक नहीं बनाता, पढ़े-लिखे लोगों को भी शोषण के लायक तैयार करता है। लोगों को याद होगा कि देश में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे केरल में किस तरह एक बिशप पर एक नन से बलात्कार का केस चला था, हालांकि वह बाद में बरी हो गया था। दुनिया के विकसित और पढ़े-लिखे देशों में ही पढ़े-लिखे परिवारों के बच्चे चर्च में पादरियों के भरोसे छोड़ दिए जाते हैं जहां उनसे बलात्कार होते हैं। धर्म पढ़ाई-लिखाई से मिली समझ को भी खत्म करने की ताकत रखता है, और हरियाणा का सामाजिक पिछड़ापन ऐसे शोषण को और दूरी तक ले जाता है।

हिन्दुस्तान की एक दिक्कत यह भी है कि कई किस्म के बाबा और पाखंडी बरसों तक बलात्कार करते रहते हैं, लेकिन कानून उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता। राम-रहीम और आसाराम जैसे अधिक चर्चित बलात्कारियों के मामले में हमने देखा है कि बड़ी-बड़ी पार्टियों के बड़े-बड़े नेता इनके चरणों में बिछे रहते हैं, और छोटे-मोटे अफसर किसी शिकायत के आने पर भी इन पर कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं करते। समाज के जागरूक लोगों और उनके संगठनों को इस नौबत को बदलने की कोशिश करनी चाहिए। धर्म से जुड़े हुए लोगों को भी अगर अपने धर्म की इज्जत बरकरार रखनी है, तो उन्हें भी पाखंड के ऐसे बलात्कारी सिलसिले को खत्म करना पड़ेगा। हम जानते हैं कि हमारा यह कहना आसान है, और लोगों के मन से अंधविश्वास को मिटाना मुश्किल बात है, लेकिन ऐसी कोशिशों के अलावा और कोई चारा भी नहीं है।

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